मानसून सत्र के दूसरे दिन सीएम मनोहर लाल ने सदन में बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश पारित किया कि कर्मचारियों के सभी काडर की समीक्षा कर अनुसचित जाति के कर्मचारियों की संख्या की समीक्षा की जाए। हमने यह समीक्षा की है। अभी अनुसूचित जाति के ग्रुप सी और डी में पदोन्नति में आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन ए और बी में नहीं था। सीएम ने घोषणा करते हुए कहा कि ए और बी ग्रुप में 20 प्रतिशत आरक्षण पदोन्नति में दी जाएगी। इसके लिए रोस्टर बनाने का काम शुरू हो गया है। नोटिफिकेशन व हिदायत एक सप्ताह के अंदर-अंदर जारी कर दी जाएगी।
सीएम की इस घोषणा का डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने भी स्वागत किया। परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने सीएम का आभार जताया। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने भी मुख्यमंत्री की घोषणा का समर्थन किया। इसके बाद विधानसभा मानसून सत्र की कार्यवाही को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। मानसून सत्र का दूसरा दिन काफी हंगामेदार रहा। जिसमें नूंह हिंसा, पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह सहित कई मुद्दों पर पक्ष-विपक्ष में टकराव हुआ। सत्र के दूसरे दिन दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित की गई।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि गृह मंत्री अनिल विज ने नूंह हिंसा विषय पर कांग्रेस का नाम लिया है, इसलिए नूह हिंसा विषय पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। जिस पर स्पीकर ने कहा कि डिलीट कर दिया जाएगा। वहीं शमशेर सिंह गोगी ने कहा कि अनिल विज का बयान मीडिया के माध्यम से जनता तक जा चुका है तो अब डिलीट का क्या फायदा है। नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इस विषय पर सदन में चर्चा जरूर होनी चाहिए।
कांग्रेस के पास सवाल खत्म हो जाते हैं तो करते हैं शोर शराबा
गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि नूंह में पुलिस बल तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं ने मंदिर में जाकर जलाभिषेक किया है। कोई कर्फ्यू नहीं लगाया है। लोग अपने घरों से आकर जलाभिषेक कर रहे हैं। कांग्रेस के पास जब सवाल खत्म हो जाते हैं तो शोर शराबा करते हैं। संदीप सिंह और नूंह का मामला मानसून सत्र के पहले दिन भी आया था। जब इनके सवाल खत्म हो जाते हैं तो सदन में शोर शराबा करते हैं। मामले की पूरी तरह जांच की जा रही है। नूंह में अब तक 300 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। उसमें अभी जांच चल रही है। कांग्रेस के विधायक मामन खान को जांच में शामिल होने के लिए पुलिस ने नोटिस भेजा है, क्योंकि मामन खान की गतिविधियां भी संदिग्ध लग रही हैं। कांग्रेस के अनेकों छोटे-बड़े पदाधिकारियों ने नूंह में हिंसा फैलाने में साजिश की है। हम सबके सामने रखेंगे कि यह सारा किया धरा कांग्रेस का ही है।

गृहमंत्री का पूर्व सीएम पर तंज, हमारे डिपार्टमेंट का नाम भी था हुडा
गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि पहले जो हमारा डिपार्टमेंट गालियां काटता था, उसका नाम भी हुडा था। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम भी एक जैसा था। इससे बड़ा कन्फ्यूजन हो जाता था। जिसके बाद हमने हुडा का नाम बदलकर HSVP कर दिया। कांग्रेस का गैरजिम्मेदाराना रवैया है। कांग्रेस जनता के मुद्दे उठाने में पूरी तरह फेल है।
सरकार की शु्द्ध हिंदी में फंस गया विपक्ष, सीएम भी नहीं स्पष्ट कर पाए मतलब
हरियाणा विधानसभा के दूसरे दिन दोपहर के बाद एक आर्डिनेंस पेश किए गए। केंद्र की ओर से राज्यों की विधानसभा में पास कराने के लिए आर्डिनेश पेश किया गया। जिसे सीएम ने प्रस्तुत किया। इसके बाद विपक्ष की ओर से सवाल किया गया कि इसका मतलब समझा दो, क्योंकि आर्डिनेंस विशुद्ध हिंदी में था, इसलिए समझ में नहीं आ रहा था। दिक्कत यह रही कि सीएम भी इसका मतलब नहीं समझा पाए। इस पर विपक्ष ने सत्ता पक्ष को घेरने की कोशिश की। हालांकि बाद में सीएम ने कहा कि वह समझाते हैं, लेकिन उन्होंने एक बार फिर से इस आर्डिनेंस को ही पढ़ दिया।

मंत्री संदीप के बाद नूंह हिंसा पर भी विवाद, गृहमंत्री बोले यह कांग्रेस का करा धरा
मानसून सत्र का सोमवार को दूसरा दिन शुरू हो चुका है। सदन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और गृह मंत्री अनिल विज के बीच स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई। सत्र के आसार हंगामेदार बने हुए हैं। मंत्री संदीप सिंह के बाद नूंह हिंसा मामले में भी हंगामा शुरू हो गया है। मामले में गृह मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है।
मानसून सत्र के दौरान गृह मंत्री अनिल विज ने नूंह हिंसा मामला को लेकर बड़ा बयान दिया है। विज का कहना है कि अभी तक जितने लोग गिरफ्तार हुए हैं, उनसे हुई जांच के आधार पर यह सामने आया है कि इस हिंसा की जिम्मेदार कांग्रेस है। यह सब कांग्रेस का करा धरा है। अनिल विज कहा कि फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस विधायक मामन खान के खिलाफ सबूत मिले हैं। जांच के दौरान यह सामने आया है। उनकी गतिविधियों को लेकर उन्हें नोटिस जारी किया गया है और जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है।
अनिल विज ने नूंह मसले कर कहा कि हमारे देश में हर धर्म को धार्मिक गतिविधियां करने की इजाजत है, इसलिए नूंह में ब्रजमंडल यात्रा की गई। इस बीच सत्र के दौरान स्पीकर ने गृह मंत्री को बोलने से रोका, लेकिन उन्होंने दोबारा बोलना शुरू कर दिया। अनिल विज ने कहा कि वहां अभी तक 500 लोग गिरफ्तार हुए हैं और जो जांच हुई है, उससे साफ नजर आ रहा है कि यह सब कांग्रेस की करनी धरनी है।
संदीप सिंह को बर्खास्त करने की मांग, सीएम का जवाब नहीं लेंगे इस्तीफा
वहीं संदीप सिंह सदन में मौजूद हैं और कांग्रेस ने उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है। जिस पर स्पीकर ने कहा कि मामला कोर्ट में है। इसके बाद कांग्रेसी नेता बाहर चले गए थे, लेकिन कुछ देर वह वापस लौट आए। इसके बाद फिर हंगामा शुरू हो गया। इस बीच सीएम मनोहर लाल ने जवाब देते हुए कहा कि संदीप सिंह का इस्तीफा नहीं लिया जाएगा। इससे पहले मानसून सत्र के दूसरे दिन की शुरुआत होते ही प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मैडल जीतने वाले एथलीट नीरज चोपड़ा के साथ उनके परिवार को भी बधाई देकर की। साथ ही मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने जो चार्जशीट दाखिल की, इससे सत्र के दौरान विपक्ष को सरकार को घेरने का मौका मिल गया।

सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित
नूंह हिंसा मामले पर भी सदन में भारी हंगामा खड़ा हो गया। विपक्ष चर्चा की मांग पर अड़ गया। पूर्व मुख्यमंत्री और प्रतिपक्ष नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि नूंह हिंसा साजिश का हिस्सा है। अगर यह सोची समझी साजिश है तो कांग्रेस ने मामले की जांच हाईकोर्ट के जज से करवाने की मांग की है। जिससे जांच के बाद सच सबके सामने आ सके। वहीं भाजपा के विधायक सत्यप्रकाश ने कांग्रेस विधायक मामन खान के बयान प्याज के छिलके की तरह फोड़ देंगे को सदन में उठाया। जिस पर स्पीकर ने कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसके बाद सदन की कार्यवाही को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया।
गन्नौर-शाहपुर सड़क का होगा चौड़ीकरण, 19.76 करोड़ मंजूर
प्रश्नकाल के दौरान डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि गन्नौर-शाहपुर सड़क का चौड़ीकरण का कार्य जल्द शुरू करवाया जाएगा। सड़क निर्माण के लिए नाबार्ड से 19.76 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल गई है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया को शुरू करवाया जाएगा। सदन के दौरान बारिश और बाढ़ से फसल के नुकसान का मुद्दा भी उठाया गया। शाहाबाद विधायक रामकरण काला ने कई स्थानीय समस्याओं को उठाते हुए मारकंडा नदी की सफाई की मांग की। उन्होंने कहा कि बाढ़ के चलते सबसे ज्यादा नुकसान उनके क्षेत्र में हुआ है। जिस पर कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि पानी की निकासी के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे। इस बार बारिश ज्यादा होने से समस्या सामने आई है।
अल्प अवधि सूचना को ध्यानाकर्षण में मंजूर करने पर दुष्यंत नाराज
दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर स्पीकर ने कहा कि कांग्रेस विधायक राव दान सिंह समेत अन्य से अल्प अवधि सूचना प्रस्ताव मिला है, जिसे ध्यानाकर्षण में मंजूर किया गया है। जिस पर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने विधानसभा के नियमों के मुताबिक एतराज जताया। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि अल्प अवधि को ध्यानाकर्षण में तब्दील नहीं किया जा सकता है। विधानसभा में गलत परंपरा शुरू नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि सदन में अल्प अवधि को ध्यानाकर्षण में नहीं बदला जा सकता है। वहीं स्पीकर ने कहा विधानसभा नियम और कन्वेंशन से चलती है। 7 अगस्त 2012 को अल्प अवधि को कॉलिंग अटेंशन में बदला जा चुका है। वहीं डिप्टी सीएम के एतराज के चलते अल्प अवधि को ध्यानाकर्षण में बदलकर चर्चा करने को 30 मिनट स्थगित किया गया।
सत्र में तीन विधेयक पेश कर सकती है सरकार
सरकार सत्र में आज तीन विधेयक पेश कर सकती है। इनमें सोनीपत मेट्रोपॉलिटन डेवल्पमेंट अथॉरिटी का गठन, केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार ऑनलाइन गेमिंग सट्टेबाजी, कैसीनो, जुआ, घुड़दौड़, लॉटरी या ऑनलाइन रिच गेम्स के संबंध में बिल पेश करना शामिल है। साथ ही कुछ पुराने बिल रद्द किए जा सकते हैं। वहीं 29 अगस्त को मानसून का अंतिम दिन रहेगा। इनेलो विधायक अभय चौटाला ने जिस तरह से एल्विन यादव का मामला उठाया था। उन पर सट्टे से जुड़ी कंपनी के लिए काम करने का आरोप लगाया गया। इससे भी सदन में हंगामे की संभावना बढ़ गई है। विपक्ष पूरी तरह से हमलावर है। सरकार के पास विपक्ष के आरोपों के जवाब ठोस तरीके से नहीं दिए जा रहे हैं।

सीएम और मंत्रियों में नहीं दिखा तालमेल
सदन के दौरान कई ऐसे मौके आए, जब लगा कि सीएम और मंत्रियों के बीच तालमेल भी नहीं है। बता दें कि शुक्रवार को जब कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने फसलों के बीमे का मामला उठाया तो उनका आरोप था कि फसलों के बीमा जबरदस्ती किया जा रहा है। कृषि मंत्री ने जवाब दिया कि यह किसानों की इच्छा पर निर्भर है। इसी बीच सीएम ने जवाब दिया कि जिन किसानों ने बैंकों से कर्ज लिया है, उनके लिए बीमा कराना जरूरी है। इस पर कृषि मंत्री ने जवाब दिया कि बैंक में भी किसानों की मर्जी है। सीएम और कृषि मंत्री के बीच तालमेल के अभाव की वजह से विपक्ष को सरकार को घेरने का मौका मिल गया।
सियासी अंदाज में सरकार को फंसाते रहते हैं पूर्व सीएम हुड्डा
अभय चौटाला के ठोस तर्क पूर्व सीएम के सियासी अंदाज में उलझ जाती है सरकार सदन में अभय चौटाला खासे हमलावर रहते हैं। यह उनका अंदाज भी है। इसके लिए वह जाने जाते हैं। यहां तक की वह कई बार स्पीकर तक को अपने निशाने पर ले लेते हैं। शुक्रवार को भी उनका यह अंदाज नजर आया। वहीं दूसरी ओर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा सियासी अंदाज में सरकार को फंसाते रहते हैं। हुड्डा विपक्ष के सभी सदस्यों की आवाज को भी बुलंद करने में कोई कसर नहीं छोड़ते। बाढ़ के मसले पर ध्यानाकर्षण मामले में जब अभय चौटाला स्पीकर से सवाल कर रहे थे कि क्या सप्लीमेंट्री सवालों का जवाब मिलेगा या नहीं तो उस वक्त स्पीकर की ओर से नियमों का हवाला दिया गया। इस पर हुड्डा ने अभय चौटाला की बात को आगे बढ़ाया।
दूसरे खेमे के विधायकों की बात पर गायब हो जाता है हुड्डा का अंदाजा
सदन में हुड्डा का यह अंदाज उस वक्त गायब सा हो जाता है, जब उनकी अपनी पार्टी के वह विधायक जो उनके खेमे के नहीं हैं। जब वह बोलते हैं, तब हुड्डा अकसर चुप ही रहते हैं। किरण चौधरी जब बाढ़ के मसले पर बोल रही थी तो हुड्डा ने वह मुखर तेवर नहीं दिखाए, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। हालांकि यह भी हो सकता है कि यह कांग्रेस की सदन के भीतर अपनी रणनीति रही हो।
सीएम मनोहर लाल की हर जगह नजर आती है सौम्यता
सीएम मनोहर लाल सत्र के दौरान एक भी बार भी तैश में नहीं आते। उनका सौम्य अंदाज हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है। वह जब विपक्ष के सवालों का जवाब देते हैं तो उनकी आवाज में जरा भी तल्खी नहीं होती। इसके साथ ही वह आरोप प्रत्यारोपों की बजाय मुद्दों पर आधारित बात रखते हैं। कई बार सदन में शोर ज्यादा होता है तो उनकी बात दब भले ही जाती हो, लेकिन ऐसा नहीं है कि कोई सीएम की बात को नजरअंदाज कर दें। क्योंकि उनका बात रखने का अंदाजा सबसे अलग जो हैं। सत्र के दूसरे दिन में आज देखना यह होगा कि विपक्ष सरकार को घेरने के लिए क्या-क्या मुद्दे उठाता है। इसके साथ ही सरकार की ओर से किस तरह से अपना पक्ष सदन में रखा जाता है।

