Kisan Andolan 2 Live : किसानों के दिल्ली कूच को रोकने के लिए केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच तनातनी का माहौल जारी है। फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी पर सोमवार दूसरे दौर की बैठक में बात नहीं बनने के बाद मंगलवार को किसानों ने दिल्ली मार्च शुरू कर दिया है। पंजाब-हरियाणा और हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर पर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। पंजाब-हरियाणा के बीच शंभू बॉर्डर पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे हैं। किसानों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अपनी मांगों को लेकर किसान विरोध प्रदर्शन के लिए दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं।
इसी बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का बयान सामने आया है। राकेश टिकैत का कहना है कि हमसे न ही किसान दूर हैं और न ही दिल्ली दूर है। यह मार्च किसान यूनियन द्वारा बुलाया गया है, लेकिन किसी भी अन्याय की स्थिति में देशभर के किसान हरियाणा-पंजाब के किसानों के साथ हैं। वह अपना पक्ष रखने आ रहे हैं और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन खत्म होने के समय एमएसपी गारंटी और किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस किए जाने की मांग की गई थी, लेकिन अभी तक मांगों को पूरा नहीं किया गया। अब संगठन की ओर से इसको लेकर 16 16 को भारत बंद का ऐलान किया गया है।

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि किसानों के सभी मुद्दे एक हैं। कर्ज माफी, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करना और एमएसपी के लिए कानून बनाना इस मुद्दों में शामिल है। ऐसे में किसान यदि अपनी बात कहना चाहते हैं, तो सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। राकेश टिकैत का कहना है कि किसानों को दिल्ली आने से नहीं रोकना चाहिए। सबको यहां आने का अधिकार हैं, सरकार गलत कोशिशें कर रही है। अगर इनको परेशानियां हुई तो हम भी एक्टिव होंगे और दिल्ली मार्च करेंगे।

सरकार अपनी जिद पर अड़ी, यह रवैया साबित हो रहा घातक : नरेश टिकैत
किसानों के आंदोलन को लेकर भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने भी सरकार के रवैये पर नाराजगी जताते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि सरकार अपनी जिद पर अड़ी है। यह रवैया घातक साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की अलग-अलग राज्यों की अलग-अलग मांग है। क्या किसान हर समय आंदोलन ही करता रहेगा। रास्ता जाम करता रहेगा या दिल्ली कूच करता रहेगा। ऐसे में थोड़ी बहुत जिम्मेदारी सरकार की भी बनती है।

नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह इस तरह मामलो को संज्ञान में ले, किसानों को क्या दिक्कत है, क्या नहीं, इस पर किसानों से वार्ता करे। एक अच्छे शासक के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ठीक तरह से निर्णय लेना चाहिए।

शंभू बॉर्डर पर तनावपूर्ण स्थिति, किसानों पर छोड़े जा रहे आंसू गैस के गोले
इस बीच पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर किसानों और पुलिस में जबरदस्त टकराव देखने को मिल रहा है। पुलिस की ओर से किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे गए हैं। पुलिस ने किसानों को दिल्ली आने से रोकने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। प्रदर्शनकारी किसानों पर ड्रोन से आंसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं। जिसके एक के घायल होने का मामला भी सामने आया है। जिससे किसानों में अफरा-तफरी का माहौल बना है। आंसू गैस के गोले छोड़ने के बाद किसानों में भगदड़ का माहौल है। पूरा इलाका सफेद चादर में लिपट चुका है। किसानों का अंबाला राजमार्ग पर पंजाब-हरियाणा शंभू सीमा की ओर दिल्ली कूच जारी है। सड़कों पर किसानों का बड़ा हुजूम धीरे-धीरे उमड़ रहा है।

