AAP leader Anurag Dhanda

Haryana के पूर्व सीएम Bhupendra Hooda से ED की पूछताछ को AAP ने बताया BJP का डर, Anurag Dhanda बोलें यह इंडिया गठबंधन को कमजोर करने का प्रयास

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दिल्ली में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मानेसर लैंड डील मामले में की गई पूछताछ को भाजपा का डर करार दिया है। जिसको लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर आरोप प्रत्यारोप लगाने शुरू कर दिए हैं। हरियाणा के जिला रोहतक पहुंचे हरियाणा आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा ने इस कार्रवाई कहा कि भाजपा इंडिया गठबंधन से इस कदर डरी हुई है कि वह नहीं चाहते कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा वर्ष 2024 के चुनाव में इंडिया गठबंधन के लिए प्रचार कर पाए। भाजपा को वर्ष 2024 में अपनी हार साफ दिखाई दे रही है। वह नहीं चाहते कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस मिलकर हरियाणा में चुनाव लड़ पाए। यही काम दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ भी किया जा रहा है। उन्हें ईडी का डर दिखाकर चुनाव प्रचार करने से रोका जा रहा है।

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा का कहना है कि हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए हुए काफी समय हो चुका है। ऐसे में क्या 9 साल तक ईडी सो रही थी, जो अभी तक कार्रवाई नहीं की। इससे साफ झलकता है कि राजनीतिक द्वेष के चलते सरकारी एजेंसी का दुरुपयोग किया जा रहा है। अब इंडिया गठबंधन की बातचीत सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही है। ऐसे समय में ईडी का पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा से पूछताछ करना सवालिया निशान लगता है। उन्होंने कहा कि ईडी स्वायत संस्था होना एक बड़ा मजाक बन गया है। गौरतलब है कि ईडी ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच शुरू कर दी है। जिसके तहत ईडी की टीम ने बुधवार को दिल्ली में भूपेंद्र सिंह हुड्डा से पूछताछ की। जिसमें हुड्डा के खिलाफ गुड़गांव से सटे मानेसर में प्राइवेट बिल्डरों को फायदा पहुंचाने का आरोप है। इसके अलावा ईडी ने हरियाणा के मानेसर में जमीन घोटाला मामले में भी एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। जिसमें कई बड़े बिल्डरों के नाम शामिल हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ईडी ने अपनी जांच की शुरुआत गुरुग्राम पुलिस और बाद में सीबीआई की एफआईआर के बाद की थी। सीबीआई ने इसमें हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित 34 लोगों को आरोपी बताया था। इसके बाद ईडी ने इसमें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में जांच शुरू की थी। जिसमें अब तक 108.79 करोड़ की प्रॉपर्टी को अटैच किया गया है। इस चार्जशीट में शामिल बिल्डरों के नामों में एबीडब्लयू इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, मालिक अतुल बंसल, पत्नी सोना बंसल, महामाया एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, शशिकांत चौरसिया, दिलीप ललवानी, वरिंद्र उप्पल, विजय उप्पल, रविंद्र तनेजा, टीडीआई इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, विजडम रियलटोर्स प्राइवेट लिमिटेड और एबी रिफोंस इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

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बिल्डरों ने 1 से 1.5 करोड़ में खरीदी 50 एकड़ जमीन

मामले में यह आरोप है कि बिल्डरों ने मानेसर, नौरंगरपुर और लखनौला के किसानों को सस्ते दामों पर जमीन अधिग्रहण करने के डर का उपयोग करके 20 से 25 लाख रुपये में ही 350 एकड़ जमीन को अपने नाम करवा लिया। इसके बाद बिल्डरों ने तत्कालीन सरकार को जमीन अधिग्रहण का नोटिफिकेशन निकालने के लिए दबाव डाला था और सरकार ने इसे मंजूरी दी। इसका फायदा उठाते हुए बिल्डरों ने 50 एकड़ जमीन को 1 से 1.5 करोड़ में खरीद लिया, जबकि उस समय जमीन की कीमत प्रति एकड़ करीब 4 करोड़ थी।

पंचकूला में की थी चार्जशीट दाखिल

जांच में पता चला कि किसानों से सबसे ज्यादा जमीन एबीडब्लयूआईएल ग्रुप के मालिक अतुल बंसल ने खरीदी थी। जिसने बाद में इसे महंगे दामों पर बेच दिया। केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित 34 आरोपियों के खिलाफ फरवरी 2018 में हरियाणा के पंचकूला में चार्जशीट दाखिल की थी।