Shri Prakash Singh

Sonipat में जिला युवा महोत्सव का आगाज, कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह ने किया शुभारंभ

हरियाणा सोनीपत

Sonipat के दीन बंधू छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल (डीसीआरयूएसटी) में सोमवार को बड़े धूमधाम से जिला युवा महोत्सव का उद्घाटन किया गया। महोत्सव का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।

इस मौके पर उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंच प्राण पर आधारित महोत्सव के उद्देश्य को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव आत्मनिर्भर भारत, हमारी सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान, और देश की प्रगति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

महोत्सव का प्रमुख आकर्षण: विज्ञान मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम

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प्रो. सिंह ने महोत्सव के विज्ञान मेला को एक विशेष आकर्षण बताया, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स जैसी नयी तकनीकों पर आधारित नवाचारों को प्रदर्शित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।

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महोत्सव के पहले दिन वाद-विवाद, कविता, फोटोग्राफी, कहानी लेखन और चित्रकला जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम में युवा छात्र-छात्राओं ने लोक नृत्य, लोक गीत, एकल लोक गीत, और समूह लोक गीत की शानदार प्रस्तुतियां दी।

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युवा महोत्सव का उद्देश्य और सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण

जिला युवा समन्वयक अधिकारी और आईटीआई सोनीपत के प्रिंसिपल विक्रम सिंह ने इस महोत्सव को हरियाणा की विलुप्त होती लोक कला को संरक्षित करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव हर साल प्रतिभाशाली युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करने के लिए आयोजित किया जाता है।

आगामी मुख्य अतिथि

19 नवम्बर को महोत्सव के प्रात:कालीन सत्र में गन्नौर विधायक देवेंद्र कादयान और सायंकालीन सत्र में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। इस दौरान सोनीपत विधायक निखिल मदान भी उपस्थित रहेंगे।

युवाओं की प्रतिभा और विज्ञान प्रदर्शनी

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महोत्सव में छात्रों द्वारा आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी और पेंटिंग प्रतियोगिता का भी अवलोकन किया गया। महोत्सव के दौरान डॉ. ज्योति राज ने हरियाणवी कविता के माध्यम से युवाओं को यह समझाया कि कैसे हम विकास की दिशा में बढ़ते हुए अपनी पुरानी परंपराओं को भूलते जा रहे हैं। इस महोत्सव के जरिए युवाओं की प्रतिभा और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है।

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