Yamunanagar, roadways buses not running

Yamunanagar में दिखा भारत बंद का असर, नहीं चल रही Roadways बसें, यात्रियों को हो रही परेशानी

बड़ी ख़बर यमुनानगर हरियाणा

विभिन्न कर्मचारी यूनियनों की ओर से आज भारत बंद का आह्वान किया है। इसमें रोडवेज की यूनियन भी शामिल है। वहीं रोडवेज विभाग ने अपनी सभी 170 बसों को चलाने का निर्णय लिया है। विभाग ने बसों को चलाने के लिए पुलिस प्रशासन को चिट्ठी लिखकर मदद मांगी है। विभाग की ओर से हड़ताल में शामिल होने वाले यूनियन के कर्मचारियों को धारा 144 के तहत बस स्टैंड से 300 मीटर दूर रहने के लिए कहा गया है। ऐसे में अगर कोई प्रदर्शनकारी हुड़दंग मचाता हुआ नजर आया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। इस संबंध में सख्त हिदायत भी कर्मचारियों को दी गई है।

रोडवेज के रूट चार्ट के अनुसार यमुनानगर बस स्टैंड से तड़के तीन बजे दिल्ली के लिए पहली बस निकलती है। ऐसे में बसें अड्डे से सभी बसें पर समय से निकले इसको लेकर पुलिस बल भी तैनात रहेगा। सूत्रों के अनुसार आधी रात को ही खाकी को ही तैनात कर दिया जाएगा। यमुनानगर रोडवेज के कुल 50 रूट हैं जिन पर रोजाना 170 बसें दौड़ती हैं। इन सभी मार्गों पर डिपो की सभी बसों को चलाने के लिए रोडवेज के प्रयास रहेंगे।

70 नाइट में बसें, सभी वहीं से चलेंगी

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हड़ताल के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य पर जाने के लिए परेशानी न हो। ऐसे रोडवेज ने अपने सभी 70 नाइट बसों को वहीं से चलाने को कहा गया है। इसके अलावा यात्रा के दौरान यदि कोई रोडवेज बस रोकता या ऑन ड्यूटी कर्मचारियों के बदतमीजी करता है तो उसके कड़ी कार्रवाई होगी। डिपो में 210 चालक व 232 परिचालक हैं सभी को ड्यूटी पर रहने के लिए कहा गया है। वहीं हड़ताल के दौरान जो कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं होंगे उनकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय विभाग को भेजी जाएगी।

दमकल विभाग ने रोडवेज से मांगी मदद

अखिल भारतीय राज्य सरकारी सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आहवान पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल है। ऐसे में दमकल विभाग के कर्मचारियों ने भी हड़ताल में शामिल होने की बात कही है। दमकल के एफएसओ नरेंद्र सिंह ने बताया कि विभाग ने होमगार्ड से 30 रोडवेज से 14 कर्मचारियों की मांग की थी। ताकि आपातकालीन स्थिति में दमकल विभाग की गाड़ियों को चलाया जा सके। लेकिन रोडवेज ने सांझा मोर्चा के हड़ताल में शामिल होने पर कर्मचारियों को देने से मना कर दिया है। ऐसे में दमकल विभाग के पास गाड़ियों को चलाने के लिए चिंता बनी हुई है।