जींद के सरकारी स्कूल में हुए यौन शोषण के आरोपों ने दिल्ली और हरियाणा राज्यों के नेताओं के बीच एक तीखी बहस को उत्पन्न किया है। डिप्टी चीफ मिनिस्टर दुष्यंत चौटाला के कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल पर लगाए गए आरोपों के बाद उन्होंने सदन में यह मुद्दा उठाया और सप्ताहांत के दौरान हंगामे का कारण बन गई।
मामला उस स्कूल में हुआ जहां छात्राओं के साथ यौन शोषण के आरोप सामने आए थे। इस पर डिप्टी सीएम ने गीता भुक्कल पर आरोप लगाए कि उन्होंने इस मामले को बचाने के लिए स्कूल के प्रिंसिपल को समर्थन दिया और उन्हें बचाने के लिए कई बार कोर्ट जाकर वकीलों को बुलाया। मामले को लेकर सदन में हुई बहस में, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस मुद्दे को फिर से सुरक्षित किया। उन्होंने सदन में इस मुद्दे पर चर्चा की और उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से जांच कराने की मांग की। इस पर सदन के स्पीकर ने आपत्ति जताई और कहा कि यह सदन का मामला है और उसकी जांच जज कैसे कर सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने उसकी इस आपत्ति पर आपत्ति जताई और कहा कि यह मामला जांच के लिए हाईकोर्ट के सिटिंग जज के पास जाए।
गीता भुक्कल ने भी सदन में उच्च न्यायालय से जांच करने की मांग की और उन्होंने स्पीकर पर पक्षपात के आरोप लगाए। इसके बाद, सदन में तीखी बहस शुरू हुई और सदन के अंदर तनावपूर्ण माहौल बन गया। मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाएगी, इस पर तब तक के लिए सदन में बहस रुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने ही हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच की मांग की थी और अब जांच के हिसाब से ही कार्रवाई होनी चाहिए। बहस के दौरान डिप्टी सीएम ने गीता भुक्कल पर आरोप लगाए कि उन्होंने मुझ पर झूठे आरोप लगाए हैं और इसे जांचने की आवश्यकता है। सदन के स्पीकर ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए जांच का वादा किया है।