Haryana में एचसीएस अफसरों को उनकी संपत्ति का विवरण जमा करने के लिए आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की तर्ज पर बदलाव किया जाएगा। अब वे अपनी संपत्ति का विवरण ऑनलाइन जमा कराने के लिए अपने नियुक्ति से लेकर 30 अप्रैल तक का समय होगा। मुख्य सचिव ने सभी एचसीएस (कार्यकारी शाखा) अधिकारियों को इस बदलाव के बारे में निर्देश दिए हैं कि अब वे अपनी संपत्ति का विवरण ऑनलाइन मोड में दाखिल करें।
बता दें कि सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया है कि सभी सरकारी कर्मचारी वर्ग-1, II और III को भी अपनी संपत्ति का विवरण दर्ज करवाना अनिवार्य है। प्रदेश में कुल 286 एचसीएस अधिकारी हैं, लेकिन इसके अलावा भी कई एलाइड सर्विस के अधिकारी हैं। यह बदलाव अब इस परंपरागत प्रक्रिया को ऑनलाइन बनाने की दिशा में कदम उठाता है।

पहले एचसीएस अधिकारियों को अपनी संपत्ति का विवरण मैन्युअल तरीके से 30 अप्रैल तक जमा करना पड़ता था, लेकिन अब सरकार ने फैसला लिया है कि इसे ऑनलाइन मोड में दाखिल किया जाए। जिससे चल-अचल संपत्तियों के संबंध में विवरण बेहतर तरीके से संग्रहित किया जा सकेगा और प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी। इसका मतलब है कि अब से 2023-24 से चल-अचल संपत्ति का विवरण मैन्युअल रूप से नहीं जमा किया जाएगा।
नया खुलेगा पोर्टल
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी हुए स्पष्ट निर्देशों के अनुसार एक नया पोर्टल खुलेगा। जिसके माध्यम से एचसीएस अधिकारी अपनी संपत्ति का विवरण दाखिल कर सकेंगे। यह पोर्टल 30 अप्रैल को स्वतः बंद हो जाएगा। इसका मतलब है कि उसके बाद संपत्ति का विवरण दाखिल नहीं किया जा सकेगा। हरियाणा सिविल सेवा (सरकारी कर्मचारी आचरण) नियम 2016 के नियम 24 के अनुसार एचसीएस अधिकारियों को 31 मार्च को संपत्ति का विवरण प्रस्तुत करते हुए 30 अप्रैल तक अपना एपीआर दाखिल कराना होगा।

सरकारी प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाना उद्देश्य
यह सामान्यत: उन्हें अपनी संपत्ति के संबंध में अपना विवरण जमा कराने का मौका देता है, ताकि सरकार संपत्ति के विवरण को सही तरीके से निगरानी कर सके। इस बदलाव का उद्देश्य सरकारी प्रक्रियाओं को और भी सुगम और पारदर्शी बनाना है। ऑनलाइन मोड का अवलोकन सरलता और देश की तकनीकी प्रगति के साथ साथ लोगों को भी अधिक सुविधा प्रदान करेगा। जिससे प्रक्रिया में स्पष्टता भी बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावना को भी कम किया जा सकेगा।
