दिल्ली हाईकोर्ट(Delhi High Court) ने हरियाणा सिविल सेवा (Haryana Civil Services) प्रारंभिक परीक्षा 2017 के पेपर के लीक से जुड़े मामले में राहत(Relief) देते हुए कार्यवाही करने के लिए एक निचली अदालत को और तीन महीने का समय(Time) दिया है।
बता दें कि जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा ने इस निर्णय के साथ सराहा कि केस की सुनवाई प्रधान जिला और सत्र न्यायालय में चल रही है और इसे डे बाई डे के आधार पर सुना जा रहा है। हाईकोर्ट ने पिछले जनवरी में निचली अदालत से तेजी लाने के लिए कहा था। केस में कुल 19 आरोपी और 85 गवाह हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के अनुसार निचली अदालत के न्यायाधीश ने उच्च न्यायालय को एक पत्र सौंपा है, जिसमें कहा गया है कि मामले का रिकॉर्ड बहुत बड़ा है। निचली अदालत के न्यायाधीश ने पत्र में कहा है कि केवल अपरिहार्य कारणों से केस की सुनवाई स्थगित होती है। मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी।

केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के विशेष लोक अभियोजक चरणजीत सिंह बख्शी और वकील अमित साहनी ने हाईकोर्ट के समक्ष कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद मामले को दैनिक आधार पर नहीं उठाया गया। उन्होंने हाईकोर्ट से ट्रायल कोर्ट को ऐसा करने का निर्देश देने का आग्रह किया था। हाईकोर्ट ने गर्मी की छुट्टियों को छोड़कर तीन महीने का समय दिया है।
शर्मा को कर दिया था निलंबित
पेपर लीक से जुड़े मामले में 2017 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय की एक शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पेपर लीक के बाद 2017 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने बलविंदर कुमार शर्मा को निलंबित कर दिया था। अभियोजन पक्ष ने मामले में आरोप लगाया था कि सह अभियुक्त सुनीता, बलविंदर कुमार शर्मा की परिचित थी और उसने उसे प्रश्न पत्र की एक प्रति दी थी, जिसने पैसे के बदले में इसे दूसरों को दे दिया था।