woman kept the jewelery on the employee's table

Panipat में महिला ने हाथ जोड़ते हुए कर्मी की Table पर रखी jewelery, property ID में फिर भी ठीक नहीं हो पा रही Mistake

पानीपत

पिछले लंबे समय से प्रॉपर्टी आईडी(property ID) प्रदेश के सभी शहरों में जनता के जी का जंजाल बनी हुई है। किसी को प्रॉपर्टी आईडी बनवाने के लिए धक्कें खाने पड़ रहे है, तो कोई अपनी प्रॉपर्टी आईडी में गलती(Mistake) ठीक करवाने के लिए नगर-निगम, परिषद एवं पालिकाओं के चक्कर पर चक्कर लगाने पर जुटा हुआ है। उसके बावजूद भी जनता के प्रॉपर्टी आईडी के काम ठीक प्रकार से नहीं हो पा रहे। जिसको लेकर जनता हर प्रकार की रिश्वत भी देने को तैयार हुई पडी हैं। ऐसा ही माजरा हरियाणा के पानीपत शहर में देखने को मिला।

Panipat नगर निगम की प्रॉपर्टी आईडी में भवन की कैटेगिरी और ज्यादा राशि से संबंधित पुरानी गलतियां अब ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराने पर ठीक नहीं होंगी, इसलिए प्रॉपर्टी मालिकों को ऑफलाइन माध्यम से ही फाइल जमा करानी पड़ेंगी। साथ ही संबंधित प्रॉपर्टी की जीपीएस कैमरा की रंगीन फोटोग्राफी फाइल में लगानी होगी। फाइल जमा होने पर जेई मौका रिपोर्ट करेंगे और अधिकारी फाइल तैयार करवाएंगे। प्रॉपर्टी के सभी मूल दस्तावेजों की फोटोग्राफी जमा करानी होंगी। ये सारी प्रक्रियाएं पूरी होने पर कमेटी में फाइल जाएगी। कमेटी ही फाइलों पर फैसला लेंगी और इसमें शामिल अधिकारियों को कोई कमी लगी तो फाइल वार्ड क्लर्क के पास पहुुंचगी।

राज नगर निवासी अंजू शर्मा पत्नी अजय शर्मा ने बताया कि उनका 50 गज का मकान है, जिसे 75 गज दिखा 45 हजार रुपए का बिल थमा रखा है। इसे ठीक कराने के लिए 8 माह से धक्के खाती फिर रही हूं। 2 बार कमेटी में भी केस गया। निगम कर्मचारी मेरी फाइल खुद दबाए बैठा है। आज भी बोल रहा था कि फाइल अधिकारियों के पास हैं, मेरे पास रिश्वत के पैसे नहीं हैं, इसलिए मैंने अपनी कानों की बाली और अन्य आभूषण(jewelery) कर्मचारी की मेज(Table) पर रखते हुए टैक्स ठीक कराने की मांग रखी। मैंने रो-रो कर गिड़गिड़ाते हुए कर्मचारी के सामने हाथ जोड़े। इसके बाद अन्य कर्मचारी और शहरवासी भी कर्मचारी के केबिन में आ गए तो उसने फाइल निकालकर दे दी। बताओ कर्मचारी की हिम्मत इतनी हो गई है कि वह खुद ही फाइलों को रोक रहा है और अधिकारियों को बदनाम कर रहा है।

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कमेटी चेयरमैन खुद निगम कमिश्नर

इस संबंध में नगर-निगम जेसी मनी त्यागी ने कहा कि कमेटी चेयरमैन खुद निगम कमिश्नर हैं। एडिशनल कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर, जेडीओ, टैक्स सुपरिटेंडेंट, जेई व वार्ड क्लर्क शामिल भी हैं। प्रति माह कमेटी की बैठक होती है। कमेटी का निर्णय मान्य होता है। ऑनलाइन प्रक्रिया में विकास शुल्क, नाम, पता, एरिया बदलवाने के लिए आपत्ति दर्ज हो रही हैं।

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