(समालखा से अशोक शर्मा की रिपोर्ट) पानीपत के खंड समालखा में गुरुद्वारा नानक दरबार साहिब माडल टाऊन की संगत द्वारा शहर में जगत गुरु श्री गुरु नानक देव जी के 554 वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष में प्रभात फेरियां 15 नवम्बर से शुरू की जाएंगी I प्रेस को जानकारी देते हुए गुरुद्वारा कमेटी प्रधान जगतार सिंह बिल्ला ने बताया कि गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व सिख समुदाय का सबसे बड़ा पर्व है। सिखों के पहले गुरु नानक देव जी की जयंती देशभर में प्रकाश पर्व के रूप में मनाई जाती है। यह पर्व समाज के हर व्यक्ति को साथ में रहने,खाने और मेहनत से कमाई करने का संदेश देता है।
प्रकाश पर्व यानी मन की बुराइयों को दूर कर उसे सत्य, ईमानदारी और सेवाभाव से प्रकाशित करना। इस अवसर पर गुरुद्वारे के सेवादार संगत को गुरु नानक देव जी के बताए रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। श्री गुरु नानक देव महान युगपुरुष थे। नानक देव जी ने अपना पूरा जीवन समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने में समर्पित कर दिया। ऐसे महान युगपुरुष की आज के समय में बहुत जरूरत है। भगवान एक है। एक ही गुरु है और कोई नहीं। जहां गुरु जाते हैं, वह स्थान पवित्र हो जाता है। भगवान को याद करने, मेहनत से कमाई करने और उसके बाद बांट के खाने का संदेश दुनिया भर में देने वाले ऐसे ही गुरु को सिख समुदाय उनकी जयंती पर उन्हें याद करते हुए यह दिन प्रकाश पर्व और उत्सव के रूप में मनाते हैं। ओर जहां गुरुद्वारों में भव्य सजावट की जाती है, वहीं गुरु का प्रसाद लंगर भी बांटा जाता है।
अपनी परंपरानुसार प्रभातफेरी में शामिल स्त्री-पुरुष सफेद वस्त्र एवं केसरिया चुन्नी धारण कर गुरुवाणी का गायन करते हुए चलते हैं। सभी जत्थों का जगह-जगह पर हार-फूल से स्वागत किया जाता है। शाम को दीवान सजाकर शबद कीर्तन का कार्यक्रम भी किया जाता है। प्रकाश पर्व के दिन सुबह से ही गुरुद्वारों में धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो देर रात तक चलता है। यह सिख समुदाय का सबसे बड़ा पर्व माना गया है। इस अवसर पर शाम सिंह, अमनदीप, जीवन सिंह, तिलक चौपडा, हिमांशु,भोला, गुरमुख सिंह,आदी मौजूद रहे।