CIA-2 team arrested gangster Mahesh Saini

Rewari : सीआईए-2 टीम ने गैंगस्टर महेश सैनी को किया गिरफ्तार, 41 संगीन मामलों में खोज रही थी पुलिस

बड़ी ख़बर रेवाड़ी हरियाणा

रेवाड़ी जिले में अंत में गैंगस्टर महेश सैनी को पकड़ लिया गया है। जिसके लिए सीआईए-2 ने एक टीम बनाई और महेश सैनी को गिरफ्तार किया। उन पर लगे 41 संगीन मामलों के चलते पुलिस ने उन्हें खोज रही थी। कोर्ट ने उन्हें पीओ (प्रोविजनल ऑर्डर) घोषित कर दिया था और उनकी संपत्ति को जब्त कर लिया गया है।

बता दें कि महेश सैनी ने बहुत समय से अपराधिक क्रियाओं में शामिल होकर पुलिस के निशाने पर था। उनके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, जबरन वसूली, रंगदारी, फिरौती, आर्म्स एक्ट सहित 41 मामले दर्ज हैं। एक मामले में उनके खिलाफ बार-बार वारंट जारी करने के बावजूद, उन्होंने पेश नहीं होने के कारण उस मामले में पीओ घोषित किया गया था। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने भी 3 जनवरी को महेश सैनी के घर पर रेड की थी। इस रेड के दौरान टीम ने उनके घर से कई दस्तावेज जब्त किए थे। महेश सैनी की गिरफ्तारी के बाद उनकी संपत्ति पहले ही जब्त कर ली गई थी। इसके बाद तहसीलदार रेवाड़ी ने उनकी कई प्रॉपर्टी का ब्योरा कोर्ट में पेश किया और उनकी संपत्ति को जब्त किया गया।

कई गैंगस्टरों के ठिकानों पर की गई रेड

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नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने हरियाणा और राजस्थान में कई गैंगस्टरों के ठिकानों पर भी रेड की थी। जिसमें राष्ट्रीय करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड में शामिल आरोपियों के महेंद्रगढ़ और हिसार स्थित ठिकानों पर कार्रवाई की गई। घटना के पीछे हरियाणा पुलिस की कई टीमें भी महेश सैनी के पीछे लगी थीं। अंत में सीआईए-2 धारूहेड़ा की टीम ने महेश सैनी को पकड़ लिया, उन्हें कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लिया जाएगा।

बॉन्ड भरने वाले व्यक्ति पर लगा 1 लाख का जुर्माना

इसके अलावा उनकी जमानत के बॉन्ड भरने वाले व्यक्ति पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया था। फिर भी महेश सैनी पेश नहीं हुआ। जिसके बाद कोर्ट ने उनकी संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया। तहसीलदार रेवाड़ी ने उनकी कई प्रॉपर्टी का ब्योरा कोर्ट में पेश करते हुए जब्ती कार्रवाई की। सत्ती कॉलोनी में रहने वाले महेश सैनी का गिरफ्तार होना एक महत्वपूर्ण घटना है। जिससे अपराधिक गतिविधियों में सक्रिय गैंगस्टरों के खिलाफ पुलिस की कड़ी कार्रवाई का संकेत मिलता है। उनकी गिरफ्तारी से उनके खिलाफ चल रहे मुकदमों में प्रगति हो सकती है और अपराधिक गतिविधियों को रोकने में मदद मिल सकती है।