महिला पहलवानों से यौन उत्पीड़न के मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने आज गुरुवार को उन्हें नियमित रुप से जमानत दे दी है।
जानिए पूरा मामला और यौन उत्पीड़न केस से जुड़ी जरुरी बातें
आरोप लगाने वाली 7 महिला पहलवानों में से एक पहलवान ने नाबालिग होने का दावा किया था। नाबालिग महिला पहलवान के आरोप के आधार पर ही बृजभूषण सिंह पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। अब हम आपको इस मामले से जुड़ी 8 ऐसी बातें बताते हैं जिनकी वजह से यह मामला इतना महत्वपूर्ण बन जाता है।
- पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह पर आईपीसी की धारा 354, 354A, 354D और 506 (1) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने पॉक्सो केस में दिल्ली की पटियाला कोर्ट में 550 पन्नों की चार्जशीट दायर की है। पुलिस के मुताबिक नाबालिग महिला खिलाड़ी और उनके पिता के बयान के आधार पर कोर्ट के सामने कैंसिलेशन रिपोर्ट दायर की गई है। यानी, आरोपों को साबित करने के साक्ष्य नहीं पाए गए हैं।
- बृजभूषण शरण सिंह पर जिन धाराओं के अंतर्गत बयान दर्ज किए गए हैं वे सभी यौन उत्पीड़न से संबंधित हैं। इस सभी मामलों में आरोप साबित होने पर तीन से सात साल की सजा का प्रावधान है। बता दें कि पुलिस ने बालिग महिला खिलाड़ियों के आरोपों के आधार पर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दायर की है। इस मामले की अगली सुनवाई एक जुलाई हो होगी।
- दिल्ली पुलिस ने एक ही आरोपी पर पटियाला कोर्ट और राउज एवेन्यू कोर्ट में मामला दर्ज किया है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि, पीड़ित पक्ष नाबालिग है और ऐसे मामलों की सुनवाई सामान्य कोर्ट में नहीं होती। नाबालिग की पहचान को सार्वजनिक होने से बचाने के लिए ऐसा किया जाता है।
- महिला पहलवानों ने इसी साल जनवरी में पहली बार सार्वजनिक तौर पर बृजभूषण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। आरोपों की जांच के लिए इंडियन ओलंपिक संघ ने एक ‘ओवरसाइट कमेटी’ का गठन किया था। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट के छोटे से हिस्से को अप्रैल में सार्वजनिक किया था।
- जांच और रिपोर्ट से असंतुष्ट खिलाड़ियों ने इस मामले की शिकायत पुलिस में कराने की कोशिश की थी। पुलिस की आनाकानी के बाद खिलाड़ी दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठ गए थे। खिलाड़ियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इसके बाद 28 अप्रैल को इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआई आर दर्ज की थी। मामला दर्ज करने के बाद आज पुलिस ने चार्जशीट दायर की है।
- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों को 28 मई को पुलिस के द्वारा वहां से हटा दिया गया था। नाराज खिलाड़ियों ने अपने मेडल को गंगा में बहाने का फैसला तक कर लिया था। वह अपने मेडल के साथ हरिद्वार भी पहुंच गए थे। कुछ किसान संगठनों की मांग पर उन्होंने अपने फैसले को कुछ दिन के लिए टाल दिया था।
- बृजभूषण सिंह का पूरा नाम बृजभूषण शरण सिंह है। बृजभूषण सिंह छह बार के एमपी (सांसद) हैं। वर्तमान में वह यूपी के गोंडा जिले के कैसरगंज से सांसद हैं। उनकी पत्नी केतकी देवी सिंह भी एक बार सांसद रह चुकी हैं। बृजभूषण सिंह के बेटे प्रतीक भूषण सिंह लगातार दो बार से गोंडा सदर से विधायक हैं। साफ है कि बृजभूषण सिंह एक हैवीवेट नेता हैं।
- महिला खिलाड़ियों के यौन शोषण का आरोप झेल रहे बृजभूषण सिंह पिछले 12 साल से भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष पद पर काबिज हैं। वह पहली बार 2011 में भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बने थे। कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष का कार्यकाल चार साल का होता है। बृजभषण शरण सिंह का यह लगातार तीसरा कार्यकाल है।