पंजाब में धरने पर बैठे किसान सरकार के आश्वासन के बाद जालंधर में रेलवे लाइन से हट गए हैं। ट्रैक खुलने से ट्रेनों का आवागमन शुरू हो चुका है। हालांकि दिल्ली-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसानों का धरना चौथे दिन भी जारी है। बता दें कि पंजाब में किसान 4 दिन से गन्ने का रेट बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर लुधियाना की ओर से जाते हुए PAP चौक से कुछ दूरी पर धन्नोवाली में राष्ट्रीय राजमार्ग बंद करके बैठे हैं।
किसानों ने वीरवार को धन्नोवाली फाटक पर रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया था। राष्ट्रीय राजमार्ग जाम होने से वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं 24 घंटे से रेलवे ट्रैक बंद होने से करीब 40 ट्रेनों का आवागमन प्रभावित रहा। शुक्रवार को 24 ट्रेनें रद्द की गई है, जबकि वीरवार को भी करीब 51 ट्रेनें रद्द रही। जालंधर में धरने पर बैठे किसानों और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच मांगों को लेकर शुक्रवार को बैठक हुई। जिसमें मुख्यमंत्री मान ने किसानों को पूरे भारत में गन्ने का सबसे ज्यादा मूल्य देने का आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री ने किसानों की बैठक के बाद दिल्ली-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग जल्द खुलने की बात कही है, लेकिन किसानों ने अभी तक राष्ट्रीय राजमार्ग नहीं खोला है। वहीं बैठक में आश्वासन मिलने के बाद किसान रेलवे ट्रैक से उठ गए हैं। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री मान शनिवार को मिल मालिकों के साथ भी बैठक करने वाले हैं। जिसमें करीब 8 किसान नेता भी मौजूद रहेंगे। उधर रेलवे ट्रैक से किसानों के हटने के बाद ट्रेनों का आवागमन शुरू हो चुका है, लेकिन शुक्रवार सुबह के समय चलने वाली 54 ट्रेनों का आवागमन प्रभावित रहा। इनमें 24 सवारी गाड़ियां भी प्रभावित हुई।

इनके अलावा 6 लंबी दुरी की ट्रेनों को रद्द किया गया है। 13 गाड़ियों के रूट में बदलाव किया गया। इससे पहले वीरवार को भी फिरोजपुर डिवीजन के अंतर्गत आने वाली 142 ट्रेनें प्रभावित रही। इनमें 40 मेल एक्सप्रेस और 11 सवारी गाड़ियों को रद्द कर दिया गया था, जबकि 63 गाड़ियों को रूट डायवर्ट करके चलाया गया।

बता दें कि किसान गन्ने का रेट बढ़वाने सहित अन्य मांगों को लेकर पंजाब में प्रदर्शनरत हैं। रेलवे ट्रैक खुलने से राहत मिलने के बाद फिलहात हाईवे पर जाम होने से काफी वाहन चालक परेशान हैं। वहीं किसानों का कहना है कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। बता दें कि इससे पहले बुधवार को चंडीगढ़ में भी किसानों की एक बैठक की जानी थी, लेकिन वह नहीं हो सकी।

ऐसे में नाराज किसानों का ऐलान है कि जब तक सरकार गन्ने का रेट बढ़ाने की मांग को पूरा नहीं करती, वह तब तक धरने को जारी रखेंगे। साथ ही किसान संगठन 26 नवंबर को अपनी मांगों को लेकर चंडीगढ़ की तरफ कूच करेंगे। उधर किसानों के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उनकी किसानों के साथ बैठक में सहमति बनी है। जल्द गन्ना किसानों के साथ बाढ़ पीड़ितों को भी मुआवजा दिया जाएगा।
सरकार ने गन्ने के मूल्य बढ़ाने का आश्वासन दिया गया है। संबंधित विभाग के अधिकारी भी बैठक के दौरान मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि किसानों की मांगों को जल्द पूरा किया जाए। वहीं किसानों ने भी सरकार को रेलवे ट्रैक और राष्ट्रीय राजमार्ग से जाम हटाने का आश्वासन दिया है।