भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हरियाणा(Haryana) में अल्पमत सरकार को बचाने के लिए नई रणनीति(New Strategy) बनाई है। सूत्रों के मुताबिक जननायक जनता पार्टी (JJP) के तीन विधायकों(MLA) को इस्तीफा(Resign) देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। यह विधायक देवेंद्र बबली, रामनिवास सुरजाखेड़ा, और जोगीराम सिहाग को शामिल कर सकता है।
सूत्रों के अनुसार यह रणनीति कल पानीपत में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ हुई एक बैठक के बाद तैयार की गई है। जिसमें वह चर्चा की गई कि अगर अविश्वास प्रस्ताव आए, तो फिर भाजपा सरकार को गिरने से बचाने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है। हरियाणा विधानसभा में भाजपा के ही स्पीकर हैं, तो तीनों विधायकों का इस्तीफा स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। इसके बाद, विधानसभा में 88 में से 85 विधायक बचेंगे और भाजपा का विपक्ष से एक विधायक अधिक हो जाएगा। उन्हें 6 महीने बाद होने वाले चुनाव में भाजपा से टिकट मिल सकता है।

कांग्रेस ने भी सरकार के अल्पमत में होने का हवाला देते हुए फ्लोर टेस्ट की मांग की है। हालांकि, अभी तक उन्हें गवर्नर से मिलने का समय नहीं मिला है। हरियाणा विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं, जिनमें से 2 सीटें खाली हैं। भाजपा के पास 40 विधायक हैं, जो कि अपने, निर्दलीय और हलोपा MLA को मिलाकर होते हैं। विपक्ष में 45 विधायक हैं, जिसमें कांग्रेस के 30, जजपा के 10, इनेलो के 1 और निर्दलीय के 4 विधायक शामिल हैं। अगर जजपा के 6 विधायक इस्तीफा दे दें, तो भाजपा के पास 43 विधायक होंगे, जबकि विपक्ष के पास 42 विधायक होंगे। इससे भाजपा को बहुमत मिल सकता है।