हरियाणा-पंजाब के खनौरी बॉर्डर पर किसानों की एक बैठक में 30 दिसंबर को पंजाब बंद का ऐलान किया गया है। इस दौरान सभी ट्रेनें, बसें, और सरकारी व निजी संस्थान बंद रहेंगे। किसानों के इस ऐलान से राज्यभर में तनाव का माहौल बन गया है, क्योंकि सड़क और रेल यातायात को पूरी तरह से बाधित करने की योजना है।
बैठक के बाद किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि पंजाब बंद के दौरान 14 से ज्यादा संगठनों के सदस्य, जिसमें शिक्षण, परिवहन, बिजली कर्मचारी, आशा वर्कर, पूर्व सैनिक, प्रोफेसर, पत्रकार संघ, और व्यापार मंडल के सदस्य शामिल थे, पूरी तरह से सहयोग करेंगे।
कल दोपहर 3 बजे पंजाब के सभी जिलों में इस बंद को लेकर बैठक होगी, जिसमें बंद को लेकर टोल प्लाजा पर बैनर लगाए जाएंगे। इसके अलावा बस कंडक्टर यात्रियों को पंजाब बंद के बारे में सूचित करेंगे। बंद सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा।
फसलों की MSP समेत 13 प्रमुख मांगों को लेकर खनौरी बॉर्डर पर भूख हड़ताल कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की तबीयत नाजुक बनी हुई है। डल्लेवाल को 31 दिन से कुछ नहीं खाया गया है और उनकी सेहत में लगातार गिरावट आई है। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा है कि सरकार को डल्लेवाल की मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर पूरी पारदर्शिता रखनी चाहिए।
किसान नेताओं ने हरियाणा सरकार से यह सवाल उठाया कि क्या राज्य सरकार अपनी ओर से MSP पर फसल खरीदने के लिए वित्तीय संसाधन जुटा सकती है, क्योंकि अधिकांश राज्य सरकारें केंद्रीय पूल से ही खरीद करती हैं। उनका कहना है कि इस सवाल का जवाब मुख्यमंत्री नायब सैनी को देना चाहिए।
वहीं, डल्लेवाल की हालत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 2 जनवरी को सुनवाई होनी है। सरकार के कई मंत्रियों ने उनकी सेहत का जायजा लिया, लेकिन किसान नेताओं ने साफ कर दिया कि संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं।