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फरीदाबाद में आतंकी अब्दुल रहमान के खिलाफ केस दर्ज

हरियाणा की बड़ी खबर


ATS और STF ने दो हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार कर कोर्ट से 10 दिन का रिमांड लिया
ISI के इशारे पर अयोध्या राम मंदिर पर हमले की साजिश रच रहा था

Ram Temple Attack Plot: अयोध्या स्थित राम मंदिर पर हमले की योजना बनाने के आरोप में धरे आतंकी अब्दुल रहमान (19) पर फरीदाबाद के डबुआ थाने में 25 (1)(ए) आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।जरात ATS ने अब्दुल रहमान को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। अब्दुल को अब गुजरात ATS अपने साथ ले गई है, जहां उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है।

पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अब्दुल रहमान अयोध्या स्थित राम मंदिर पर हमले की योजना बना रहा था। वह ISI के निर्देशों पर काम कर रहा था और पाकिस्तान स्थित उसके हैंडलर्स ने ही उसे हैंड ग्रेनेड मुहैया कराए थे। वह फरीदाबाद में नाम बदलकर छिपा हुआ था और हैंड ग्रेनेड लेने के बाद फैजाबाद लौटकर मंदिर पर हमला करने की योजना बना रहा था।

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बता दें कि हरियाणा के फरीदाबाद में गुजरात ATS और STF ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। 2 मार्च 2025 को फरीदाबाद के बांस रोड पाली इलाके से आतंकी अब्दुल रहमान (19) को गिरफ्तार किया गया था। उसे पकड़ने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसके बैग की तलाशी ली, जिसमें दो हैंड ग्रेनेड बरामद हुए। इस मामले में फरीदाबाद के डबुआ थाने में उसके खिलाफ 25 (1)(ए) आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

कैसे हुआ आतंकी का पर्दाफाश?

इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) को अब्दुल रहमान की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद ATS गुजरात और हरियाणा STF ने मिलकर 2 मार्च को फरीदाबाद के पाली इलाके में उसे ट्रैक किया और तुरंत हिरासत में ले लिया। जब अधिकारियों ने उसकी तलाशी ली, तो उसके पास से दो खतरनाक हैंड ग्रेनेड बरामद हुए। इसके बाद बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया, जिन्होंने इन विस्फोटकों को निष्क्रिय किया।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

फरीदाबाद पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि अब्दुल रहमान पर संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

  • 25 (1)(ए) आर्म्स एक्ट – अवैध हथियार रखने पर 7 से 14 साल तक की सजा हो सकती है।
  • विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4 (ए), 4(बी), 5 – विस्फोटक सामग्री बनाने और रखने पर 7 से 20 साल तक की सजा का प्रावधान है।

हैंड ग्रेनेड देने वाले की तलाश जारी

जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगा रही हैं कि अब्दुल रहमान को हैंड ग्रेनेड कहां से मिले और कौन उसके संपर्क में था। पुलिस ने आशंका जताई है कि इस आतंकी मॉड्यूल में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।

क्या होगा आगे?

गुजरात ATS और STF अब्दुल रहमान से पूछताछ कर रही हैं और उसके नेटवर्क के अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। साथ ही, पुलिस इस मामले में ISI की भूमिका और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।