➤ हरियाणा में बनेगी आपदा राहत बल की दो बटालियन
➤ जींद में होगा फायर एवं डिजास्टर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का शिलान्यास
➤ प्रदेश में खुलेंगे 59 नए फायर स्टेशन और खरीदे जाएंगे आधुनिक वाहन
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन और लोगों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बड़ी पहल की जा रही है। इसके तहत हरियाणा आपदा राहत बल (HADR) की दो बटालियन बनाई जाएंगी। यह बल आपात स्थितियों जैसे भूकंप, बाढ़, आगजनी और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए तैनात किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला जींद में जल्द ही फायर एवं डिजास्टर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का शिलान्यास किया जाएगा। यह संस्थान एनडीआरएफ के मानकों के अनुसार कार्य करेगा और इसमें आपदा प्रबंधन से संबंधित विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की रिन्यूअल के लिए एनओसी आवेदन करते ही ऑटोमैटिक जारी होगी, लेकिन रिन्यूअल के बाद 15 दिन के भीतर अधिकारी रैंडम चैकिंग करेंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पेंडिंग एनओसी रखने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही होगी।
सैनी ने बताया कि प्रदेश में 101 मीटर ऊंचाई वाली दो आधुनिक अग्निशमन गाड़ियां, 13 हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म वाले वाहन और 250 नए फायर टेंडर खरीदे जाएंगे। इसके साथ ही फायर गाड़ियों में लगे पानी के पाइप की क्षमता को 1000 मीटर तक बढ़ाया जाएगा, ताकि भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी राहत कार्य सुचारु हो सके।
प्रदेश में 59 नए फायर स्टेशन खोले जाएंगे और 10 फायर फाइटिंग रोबोट भी पायलट प्रोजेक्ट के तहत खरीदे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य में जितने भी प्रशिक्षित तैराक हैं, उनका डाटा तैयार कर पोर्टल बनाया जाए, ताकि बाढ़ जैसी आपदाओं में उनका सहयोग लिया जा सके।
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, फायर सर्विसेज के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

