हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक कारोबारी ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों को जिंदा जलाकर मार डाला। वारदात को अंजाम देने से पहले उसने पूरे परिवार को नींद की गोलियां खिलाई और फिर पेट्रोल छिड़ककर घर में आग लगा दी। हालांकि, खुद को भी खत्म करने की योजना बना चुके आरोपी को मौके पर पहुंचे लोगों ने बचा लिया।
कैसे हुआ खुलासा
शनिवार (22 मार्च) की शाम बहादुरगढ़ के सेक्टर-9 के मकान में दो जोरदार धमाके हुए। पहले इसे AC के कंप्रेसर में ब्लास्ट का हादसा समझा गया, लेकिन जब पुलिस ने गहराई से जांच की तो पेट्रोल की बोतल और कई अन्य सुराग मिले, जो इसे एक सोची-समझी साजिश साबित कर रहे थे।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में पता चला कि 48 वर्षीय हरपाल सिंह, जो ट्रांसपोर्ट का कारोबार करता था, उत्तराखंड के रुद्रपुर का रहने वाला था और सात महीने पहले ही अपनी पत्नी संदीप कौर (38) और तीन बच्चों—जसकीरत सिंह (17), चहक (11) और सुखविंदर सिंह (9) के साथ इस किराए के मकान में रहने आया था।
हत्याकांड का खौफनाक प्लान
जांच में खुलासा हुआ कि हरपाल ने पहले अपनी पत्नी और बच्चों को नींद की गोलियां खिलाई। जब वे बेहोश हो गए, तो उसने पूरे घर में पेट्रोल छिड़क दिया और आग लगा दी। लेकिन इसी बीच खुद भी आग की चपेट में आ गया। आग और धमाके की आवाज सुनकर पड़ोसी इकट्ठा हुए और दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे, जहां उन्होंने हरपाल को बुरी तरह झुलसी हालत में पाया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
12 पन्नों के सुसाइड नोट से हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस को हरपाल के घर से एक डायरी मिली, जिसमें 12 पन्नों का एक सुसाइड नोट लिखा था। इसमें उसने अपनी बहन और जीजा पर धोखाधड़ी से जमीन हड़पने के गंभीर आरोप लगाए थे। इसी कारण वह मानसिक तनाव में था और परिवार समेत आत्महत्या करने की योजना बना चुका था।
आरोपी हिरासत में
हरपाल को गिरफ्तार कर लिया गया और रविवार को कोर्ट में पेश किया गया। वहीं, चारों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। इस हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।







