हरियाणा में 30 मार्च को रामायण-माईयड़ टोल प्लाजा पर एक ऐतिहासिक किसान महापंचायत होने जा रही है। इस महापंचायत में सैकड़ों गांवों के किसान जुटेंगे और सरकार की तानाशाही के खिलाफ बड़े फैसले लिए जाएंगे। किसान नेताओं का कहना है कि यह महापंचायत आंदोलन की दिशा और रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यह महापंचायत 114 दिन से आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की रिहाई और MSP गारंटी कानून सहित अन्य लंबित मांगों को पूरा करवाने के लिए बुलाई गई है। किसानों का आरोप है कि 19 मार्च को सरकार ने बातचीत के नाम पर धोखा देकर, जगजीत सिंह डल्लेवाल समेत सैकड़ों किसानों को गिरफ्तार कर लिया और हजारों अन्य किसानों को खनौरी बॉर्डर, शंभू बॉर्डर सहित अन्य स्थानों से हिरासत में लिया गया।
किसान संगठनों ने इस महापंचायत को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। रामायण, ढंडेरी, देपल, सुल्तानपुर, उमरा, मुजादपुर, भगाना, लाडवा, माईयड़, खरड़ सहित कई गांवों में किसान एकजुट हो रहे हैं और अधिक से अधिक संख्या में महापंचायत में पहुंचने की अपील कर रहे हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा से जुड़े संगठन 28 मार्च को जिला मुख्यालयों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और इसके बाद 30 मार्च की महापंचायत में आंदोलन की नई रणनीति पर बड़ा ऐलान किया जाएगा।







