Mission Chandrayaan-3 के साथ Tejas का भी कमाल, एक और बड़ी सफलता, मिसाइल अस्त्र का परीक्षण सफल

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भारत देश में 23 अगस्त 2023 की तारीख इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखी जाएगी। साथ ही पूरी दुनिया इस तारीख को याद रखेगी। वीरवार को जहां चंद्रयान-3 की सफलतापूर्वक लैडिंग हुई, वहीं सेना के लड़ाकू विमान तेजस के मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया। जिस समय पूरा देश मिशन चंद्रयान-3 की सफलता के लिए जश्न मना रहा था, उसी दौरान गोवा के तट पर 20000 फुट की ऊंचाई से यह परीक्षण किया गया।

चंद्रमा के साथ आसमान में भी वीरवार को एक अनोखा करतब देखने को मिला। इस दौरान तेजस एयरक्राफ्ट ने हवा से हवा में मार करने वाली अस्त्र मिसाइल का सफल परीक्षण किया। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने अदृश्य लक्ष्य को भी भेदा। जिसे भारत की रक्षा क्षेत्र में बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। तेजस ने गोवा के तट पर हवा से हवा में मार करने और दिखाई नहीं पड़ने वाले लक्ष्य को भेदने की क्षमता वाली मिसाइल अस्त्र का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण करीब 20 हजार फुट की ऊंचाई पर किया गया।

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स्वदेशी तकनीक पर आधारित है अस्त्र मिसाइल

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अस्त्र मिसाइल भारत में ही बनी है और पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। इस पूरे परीक्षण की निगरानी वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने की। मिसाइल को गोवा के तट पर 20 हजार फुट की ऊंचाई से सफलतापूर्वक दागा गया। जिसने अपने लक्ष्य को वहां भेद डाला, जहां से टारगेट दिखना संभव नहीं है। यह मिसाइल 100 किलोमीटर तक मार कर सकती है।

मिसाइल अस्त्र परीक्षण के सभी उद्देश्य पूरे

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि हल्के लड़ाकू विमान (LCA) तेजस LSP-7 ने 23 अगस्त को गोवा के तट पर हवा में मार करने वाली बियॉन्य विजुअल रेंज मिसाइस अस्त्र का सफल परीक्षण किया। जिससे परीक्षण के सभी उद्देश्य पूरे हो गए हैं। प्रक्षेपण का परीक्षण वैमानिकी विकास एजेंसी (ADA), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के परीक्षण निदेशक और वैज्ञानिकों और सेंटर फॉर मिलिट्री एयरवर्थनेस एडं सर्टिफिकेशन (CEMILAC) और एयरोनॉटिकल क्वालिटी एश्योरेंस महानिदेशालय (DG-AQA) के अधिकारियों की निगरानी में किया गया।

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मिसाइल अस्त्र की लॉन्चिंग से तेजस की ताकत में इजाफा

डीआरडीओ के एक अधिकारी के अनुसार इस परीक्षण के सभी लक्ष्यों को हासिल कर लिया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस लॉन्चिंग पर खुशी जताई है। अस्त्र मिसाइल के जरिए हम दुश्मन देश के सुपरसोनिक हवाई खतरों को भी टारगेट कर सकते हैं। अस्त्र मिसाइल की लॉन्चिंग से तेजस की ताकत में इजाफा हुआ है। अस्त्र मिसाइल आवाज की गति से भी 4 गुना ज्यादा स्पीड से अपने लक्ष्य को भेद सकती है। मिसाइल का सुखोई-30 MKI फाइटर्स से भी ट्रायल किया जा चुका है। इसी के साथ डीआरडीओ ने अस्त्र मिसाइल के नए वर्जन पर भी काम करना शुरू कर दिया है। नई अस्त्र-2 मिसाइलें 160 किलोमीटर दूर तक के लक्ष्य को मार गिरा सकेंगी। इससे हमारी विदेशी हथियारों पर निर्भरता में और कमी आएगी।

मिसाइल अस्त्र की खूबियां

-मिसाइल अस्त्र का वजन 154 किलोग्राम, लंबाई 12.6 फुट, व्यास 7 इंच और मारक क्षमता 160 किलोमीटर है।

-बेहद तेज और सटीक निशाना लगाने में सक्षम है।

-हवा से हवा में मार करने वाली स्वदेशी मिसाइल है।

-बियॉन्ड विजुअल रेंज हमला करने में समक्ष है।

-मिसाइल अस्त्र में हाई-एक्सप्लोसिव, प्री-फ्रैगमेंटेड एचएमएक्स हथियार लगा सकते हैं।

-यह ऑप्टिकल प्रॉक्सीमिटी फ्यूज टारगेट से टकराकर फट जाती है।