ओजोन प्रदूषण का खतरा इन फसलों पर संकट हरियाणा और पंजाब में असर

ओजोन प्रदूषण का खतरा, इन फसलों पर संकट, हरियाणा और पंजाब में असर

हरियाणा
  • हरियाणा और पंजाब में ओजोन प्रदूषण से कृषि पर असर
  • गेहूं, मक्का और धान की पैदावार में गिरावट का अंदेशा
  • आईआईटी खड़गपुर के अध्ययन में चेतावनी, ओजोन स्तर बढ़ने से कृषि पर नकारात्मक प्रभाव

Ozone Pollution : भारत में कृषि उत्पादकता पर बढ़ते ओजोन प्रदूषण का खतरा मंडरा रहा है, खासकर कृषि बाहुल क्षेत्रों जैसे हरियाणा और पंजाब में। IIT खड़गपुर के वैज्ञानिकों के एक अध्ययन में यह चेतावनी दी गई है कि सतह के पास बढ़ता हुआ ओजोन स्तर गेहूं, मक्का और धान जैसी प्रमुख खाद्यान्न फसलों की पैदावार पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

सतही ओजोन एक शक्तिशाली ऑक्सीडाइजिंग एजेंट के रूप में काम करता है, जो पौधों की पत्तियों और ऊतकों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे उनकी वृद्धि रुक जाती है और फसल की उपज में कमी आती है। हालांकि, ऊपरी वायुमंडल में ओजोन परत हमें सूर्य के हानिकारक रेज से बचाती है, वहीं जमीन के पास का ओजोन स्वास्थ्य और कृषि के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। यह प्रदूषण मुख्य रूप से मानवीय गतिविधियों से उत्पन्न होने वाले प्रदूषकों के सूर्य की रोशनी से संपर्क में आने से उत्पन्न होता है।

आईआईटी खड़गपुर के वैज्ञानिकों ने जलवायु मॉडल और ऐतिहासिक आंकड़ों का उपयोग कर यह अनुमान लगाया कि यदि ओजोन स्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो गेहूं की पैदावार में 20% तक की कमी हो सकती है। वहीं धान और मक्का की उपज में भी लगभग 7% की गिरावट आने की संभावना है। यह अध्ययन प्रोफेसर जयनारायणन कुट्टिपुरथ के नेतृत्व में किया गया था और इसका प्रकाशन ‘एनवायर्नमेंटल रिसर्च’ नामक जर्नल में हुआ है।

Whatsapp Channel Join

शोध में यह भी सामने आया है कि गंगा के मैदानी इलाकों और मध्य भारत में फसलों पर सबसे ज्यादा असर हो सकता है, क्योंकि इन क्षेत्रों में ओजोन का स्तर सुरक्षित सीमा से छह गुना ज्यादा हो सकता है। ओजोन प्रदूषण के कारण फसल की पैदावार में गिरावट से किसानों की आय घटेगी और खाद्यान्न उत्पादन में कमी आएगी, जो भोजन की कमी का कारण बन सकता है। यह संकट न केवल भारत के लिए, बल्कि वैश्विक खाद्य आपूर्ति के लिए भी एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है, क्योंकि भारत कई देशों को अनाज निर्यात

गेहूं:

  • उत्तर प्रदेश: भारत में गेहूं की सबसे बड़ी पैदावार उत्तर प्रदेश में होती है, जो देश के कुल उत्पादन का लगभग 30% हिस्सा प्रदान करता है।
  • पंजाब: पंजाब भी गेहूं उत्पादन में प्रमुख राज्य है।
  • हरियाणा: हरियाणा में भी गेहूं की पैदावार काफी अधिक है।

मक्का:

  • कर्नाटक: मक्का की सबसे बड़ी पैदावार कर्नाटक में होती है।
  • आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश में भी मक्का का उत्पादन अच्छा होता है।
  • राजस्थान: राजस्थान में मक्का का उत्पादन भी महत्वपूर्ण है।

धान:

  • पश्चिम बंगाल: धान की सबसे अधिक पैदावार पश्चिम बंगाल में होती है।
  • उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश भी धान के बड़े उत्पादक राज्यों में शामिल है।
  • आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश धान उत्पादन में प्रमुख राज्य है।
  • छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ में भी धान का उत्पादन काफी अधिक है।