MBBS एग्जाम घोटाले के बाद UHSR ने लागू की बारकोड वाली आंसर शीट
परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिका बदलने का वीडियो वायरल होने से खुला मामला
गायब हुई 46 उत्तर पुस्तिकाएं अप्रैल-मई परीक्षा में दोबारा सामने आईं
MBBS exam scam Haryana: हरियाणा के रोहतक स्थित पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (UHSR) में एमबीबीएस परीक्षा में हुए बड़े घोटाले के बाद यूनिवर्सिटी ने कड़ा कदम उठाया है। अब सभी मेडिकल कॉलेजों में होने वाली वार्षिक और सप्लीमेंट्री परीक्षाओं में बारकोड वाली उत्तर पुस्तिका का उपयोग किया जाएगा। हर पेज पर यूनिक बारकोड और पेज नंबर के साथ मुख्य उत्तर पुस्तिका की पहचान भी दर्ज होगी ताकि उत्तर पुस्तिका के किसी भी पन्ने से छेड़छाड़ ना की जा सके।
इस निर्णय की पृष्ठभूमि में हाल ही में सामने आया एक बड़ा फर्जीवाड़ा है, जिसमें परीक्षा के बाद छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाएं विश्वविद्यालय परिसर के बाहर फिर से लिखते हुए पाए गए। वायरल वीडियो में छात्र बिस्तरों और कुर्सियों पर बैठे हुए एक कर्मचारी की मौजूदगी में हेयर ड्रायर से पहले उत्तर मिटाकर फिर किताबों की मदद से दोबारा जवाब लिखते दिखे। ये छात्र मिटने वाली स्याही वाला पेन इस्तेमाल कर रहे थे।
जांच में सामने आया कि घोटालेबाजों ने उत्तर पुस्तिकाओं के पहले पन्ने को अलग कर लिया और परीक्षा के बाद दोबारा भरी गई उत्तर पुस्तिकाओं के साथ उसे जोड़कर जमा कर दिया, जिससे छात्र पास हो सकें। इस घोटाले की गंभीरता तब बढ़ गई जब यह पता चला कि जनवरी-फरवरी 2024 की परीक्षा में गायब हुई 46 खाली उत्तर पुस्तिकाएं अप्रैल-मई 2024 की परीक्षा में हल की हुई हालत में दोबारा सामने आ गईं।
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल के निदेशक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी ने इस गड़बड़ी की पुष्टि की, जिसके बाद कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने घोषणा की कि मूल्यांकन प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता लाने के लिए यूनिवर्सिटी हरसंभव उपाय कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि यह सुरक्षा प्रक्रिया अब न केवल MBBS बल्कि पैरामेडिकल और अन्य संबद्ध पाठ्यक्रमों में भी लागू की जाएगी।

