➤ साईं गार्डन के सामने सर्विस रोड के गहरे गड्ढों में पलटी स्क्रैप लदी ट्रैक्टर ट्रॉली
➤ बरसात में सड़क टूटने और जलभराव से बढ़ी दुर्घटनाएं, पहले भी पलट चुके हैं टेंपो और ई-रिक्शा
➤ स्थानीय लोगों और धार्मिक संस्थाओं के प्रयास भी अस्थायी, प्रशासन बेपरवाह
समालखा (अशोक शर्मा): मंगलवार को हुई हल्की फुल्की बरसात ने शहर की जर्जर सड़कों और प्रशासन की अनदेखी की पोल खोल दी। एनएच-44 पर साईं गार्डन के सामने बनी सर्विस रोड पर दोनों ओर गहरे गड्ढों में बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एक स्क्रैप लदी ट्रैक्टर ट्रॉली पलट गई।

घटना के बाद ट्रॉली मालिक राजेश ने लोडर मशीन बुलवाकर ट्रॉली को उठवाया, लेकिन इस बीच वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस हादसे से ट्रॉली मालिक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
यह कोई पहली घटना नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बीते कई वर्षों से साईं गार्डन के बाहर की यह सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। टेंपो और ई-रिक्शा पलटने की कई घटनाएं यहां पहले भी हो चुकी हैं, जिनमें कई लोग घायल हो चुके हैं।
लोगों का कहना है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी के कर्मचारी कुछ समय पहले इस सड़क को आंशिक रूप से ठीक कर चुके हैं, लेकिन बारिश के बाद फिर वही स्थिति बन जाती है। स्थानीय धार्मिक संस्था ने भी मिट्टी और रोड़ा डालकर अस्थायी रूप से इसे भरने का प्रयास किया था, लेकिन बरसात के बाद मिट्टी बह जाती है और सड़क फिर जर्जर हो जाती है।

जीटी रोड किनारे नालों की सफाई नहीं होने से बरसात का पानी सड़क पर जमा हो जाता है, जिससे तारकोल की सड़क कटकर गहरे गड्ढों में बदल जाती है। इसके चलते यह स्थान बार-बार दुर्घटनाओं का केंद्र बन गया है।
शहरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस सर्विस रोड को ठोस और स्थायी रूप से दुरुस्त किया जाए ताकि आवागमन सुरक्षित हो और भविष्य में ऐसे हादसे न हों।

