➤ सरकारी एंबुलेंस सेवा को 20 से अधिक बार किया गया कॉल, नहीं मिला जवाब
➤ महिला ने चलते ऑटो में दिया बच्चे को जन्म, परिवार में मची अफरा-तफरी
➤ अस्पताल में इलाज जारी, पति ने की प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
हरियाणा के पानीपत जिले के सनौली खुर्द गांव में एक गर्भवती महिला नगमा ने सरकारी व्यवस्था की लापरवाही के कारण चलते ऑटो में ही बच्चे को जन्म दे दिया। यह पूरी घटना तब हुई जब परिजन लगातार सरकारी एंबुलेंस को फोन करते रहे लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला।
महिला के पति अरमान ने बताया कि जब नगमा को तेज़ प्रसव पीड़ा हुई तो उन्होंने फौरन सरकारी अस्पताल की एंबुलेंस सेवा को 20 से 25 बार कॉल किया, मगर कोई कॉल रिसीव नहीं किया गया। इसके बाद परिजन खुद ही एक ऑटो में महिला को अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में महिला को ऑटो में ही डिलीवरी हो गई।
बोल पड़ा दर्द: “सड़क किनारे ऑटो में बच्चे का जन्म… यह हम कभी नहीं भूल पाएंगे”
पति अरमान ने बताया कि पानीपत का सरकारी अस्पताल बड़ी स्वास्थ्य सुविधाओं और एंबुलेंस की उपलब्धता के लिए जाना जाता है, लेकिन व्यवहारिक स्तर पर यह भरोसा टूट गया। उन्होंने कहा,
“सरकार कहती है कि हर सुविधा है, लेकिन हमारी हालत देखकर कोई नहीं आया। सड़क पर बच्चे का जन्म बहुत पीड़ादायक था।”
प्रशासन से लगाई गुहार, कार्रवाई की मांग
परिवार ने इस मामले को लेकर प्रशासन और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। अरमान ने कहा कि यदि समय पर एंबुलेंस आ जाती तो यह दर्दनाक स्थिति न आती। फिलहाल महिला और नवजात दोनों को सामान्य अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
इस मामले ने हरियाणा की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

