➤ हिसार में DJ विवाद के बाद नाबालिग की मौत, पुलिस-परिवार आमने-सामने
➤ पुलिस ने जारी किए CCTV फुटेज, हमलावरों पर साधा निशाना; राहुल गांधी ने की न्याय की मांग
➤ मृतक के परिजनों का आरोप, पुलिस ने दिया धक्का; डेडबॉडी लेने से इनकार, महापंचायतें जारी
हरियाणा के हिसार में एक बर्थडे पार्टी के दौरान DJ बजाने को लेकर हुए विवाद के बाद एक नाबालिग लड़के की मौत का मामला तूल पकड़ गया है। इस घटना ने पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया है, जिसके चलते पुलिस ने अपनी सफाई में दो CCTV फुटेज जारी किए हैं। पुलिस का दावा है कि झड़प में उनकी कोई गलती नहीं थी, वे सिर्फ शोर बंद करवाने गए थे, लेकिन युवकों ने ही उन पर हमला कर दिया। वहीं, मृतक गणेश के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने ही लड़के को छत से धक्का दिया, जिससे उसकी मौत हुई। इस घटना को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट लिखकर पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग की है।

पुलिस द्वारा जारी फुटेज में कथित तौर पर दिखाया गया है कि गणेश और उसके साथियों ने रात 11 बजे के बाद गली के बीचोंबीच खाट बिछाकर तेज आवाज में DJ बजाया। जब पुलिस टीम इसे बंद करवाने पहुंची, तो युवकों ने पुलिसकर्मियों से बहस की और उन पर तेजधार हथियारों व पत्थरों से हमला कर दिया। पुलिसकर्मी विनोद घायल हो गए और उन्हें एक घर में छिपकर जान बचानी पड़ी। पुलिस का यह भी दावा है कि गणेश, जिसकी मौत छत से कूदने से हुई, वह भी उस वक्त दोस्तों के साथ छत पर शराब पी रहा था। हालांकि, छत से कूदने की कोई फुटेज जारी नहीं की गई है।

यह घटना 7 जुलाई की है, लेकिन आज 17 जुलाई तक भी मृतक गणेश के परिजनों ने डेडबॉडी लेने से इनकार कर दिया है। वे अपनी इस मांग पर अड़े हैं कि पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने हरियाणा शव ससम्मान निपटान कानून के तहत मिले 12 घंटे के नोटिस के बावजूद अंतिम संस्कार नहीं किया है और इस मामले में महापंचायतें भी कर चुके हैं।

राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में इसे “गणेश की हत्या और परिवार के साथ बर्बरता” बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह “BJP-RSS के मनुवादी सिस्टम का घिनौना चेहरा” है, जो बहुजनों के जीवन को सस्ता समझता है। राहुल ने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने इस अत्याचार पर चुप्पी साध ली है और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर दिया है। उन्होंने गणेश की मौत को संविधान और बाबा साहब के सपनों की हत्या करार दिया और पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने का एलान किया।

इस मामले में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी भी गुरुवार को अस्पताल में धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस पर निर्दयता से किशोर की हत्या करने और सरकार पर हत्यारे पुलिसकर्मियों को बचाने का आरोप लगाया। चन्नी ने कहा कि वे इस मामले की CBI जांच के लिए हाईकोर्ट जाएंगे और इसे संसद में भी उठाएंगे।
दूसरी ओर, हिसार के एडीजीपी केके राव ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए तैयार है और पुलिस की भूमिका आत्मरक्षात्मक थी। उन्होंने दावा किया कि 10 नामजद युवक अपराधी हैं और उन पर कई केस दर्ज हैं। राव ने परिजनों को भड़काने वाले तत्वों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि गणेश का पोस्टमॉर्टम वीडियोग्राफी के साथ मेडिकल बोर्ड द्वारा करवाया गया है, और पुलिस ने ही इसमें पहल की क्योंकि परिवार सहयोग नहीं कर रहा था।

