इकरा हसन विवाद में कूदे सपा सांसद हरेंद्र मलिक मुजफ्फरनगर में महापंचायत और संसद तक लड़ाई

इकरा हसन विवाद में कूदे सपा सांसद हरेंद्र मलिक, मुजफ्फरनगर में महापंचायत और ‘संसद तक लड़ाई’

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इकरा हसन के साथ हुई घटना पर हरेंद्र मलिक का तीखा बयान, महापंचायत का एलान

राज्यसभा सांसद बोले: ‘यह लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ी जाएगी’, 2027 में सपा सरकार का दावा

बेटों के चुनाव पर भी की बात, पंकज मलिक लड़ेंगे चरथावल से चुनाव

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समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद हरेंद्र मलिक ने सहारनपुर में इकरा हसन के साथ हुई घटना को बेहद निंदनीय बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हरेंद्र मलिक ने घोषणा की है कि कांवड़ यात्रा संपन्न होने के उपरांत मुजफ्फरनगर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पर एक बड़ी महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस महापंचायत का मुख्य उद्देश्य इकरा हसन को न्याय दिलाना और समाज में सौहार्द एवं शांति बनाए रखने की दिशा में रणनीति तैयार करना होगा।

सांसद हरेंद्र मलिक ने इस घटना को केवल एक महिला से जुड़ा मामला मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह संविधान, समानता के अधिकार और आवाज उठाने की स्वतंत्रता का प्रश्न है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा, “यह लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ी जाएगी।” उनका यह बयान मामले की गंभीरता और सपा की इस पर राजनीतिक सक्रियता को दर्शाता है।

राजनीतिक परिदृश्य पर भी बात करते हुए हरेंद्र मलिक ने 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने का दावा किया। उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के आगामी चुनावों में संभावित भागीदारी को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके छोटे बेटे को चुनाव लड़ाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। हालांकि, उनके बड़े बेटे पंकज मलिक चरथावल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। हरेंद्र मलिक ने यह भी जोड़ा कि “शामली, मुजफ्फरनगर, चरथावल और सदर – ये चारों सीटें उनके लिए मुफीद हैं,” जिससे उनके परिवार की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं भी सामने आईं।

इस पूरे प्रकरण पर हरेंद्र मलिक का बयान न केवल सहारनपुर की घटना की निंदा करता है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी की सक्रियता और आगामी चुनावों को लेकर उनकी रणनीति को भी दर्शाता है। महापंचायत का आयोजन और सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ने का आह्वान, इस मुद्दे को एक व्यापक जन आंदोलन का रूप देने की उनकी मंशा को परिलक्षित करता है।