आज भी समाज में अनेक लोग टोना-टोटका, ऊपरी हवा, नजर दोष और काले जादू जैसे विषयों को लेकर भयभीत रहते हैं। कई बार जब जीवन में समस्याएं अनायास बढ़ने लगती हैं, तो आमजन यह मान बैठते हैं कि किसी ने कुछ ‘करवा’ दिया है। ऐसे ही भ्रम और डर को दूर करने के लिए प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने हाल ही में एक वीडियो में बहुत ही सहज और वैज्ञानिक सोच के साथ समाधान बताया।
क्या कहा महाराज ने?
प्रेमानंद महाराज ने स्पष्ट रूप से कहा कि, “अक्सर यह सब बातें हमारे दिमाग की उपज होती हैं। कोई टोना-टोटका या काला जादू नहीं करता, हम ही अपने मन से डर गढ़ लेते हैं।” उन्होंने कहा कि डर का इलाज डर से नहीं, बल्कि भक्ति और आत्मिक संतुलन से होता है।
आध्यात्मिक समाधान क्या है?
महाराज ने बताया कि अगर किसी को लगता है कि उनके घर में नकारात्मक ऊर्जा है या मन में किसी अनजाने डर ने घर कर लिया है, तो उसका सबसे सरल उपाय भगवान का नाम स्मरण है। उन्होंने कहा:
- हर दिन एक घंटा ‘भागवत कथा’ का पाठ करें
- कम से कम आधा घंटा ‘राधे-राधे’ नाम का जाप करें
- यदि समय कम हो, तो भी भजन-कीर्तन से जुड़ें
दीपक जलाने की परंपरा का वैज्ञानिक लाभ
संत ने बताया कि रोज़ाना रात को आरती के बाद भगवान के नाम का एक दीपक घर में जरूर जलाना चाहिए। यह न केवल घर के वातावरण को शुद्ध करता है, बल्कि मन को भी गहरी शांति देता है।
काला जादू: भ्रम या हकीकत?
प्रेमानंद महाराज ने बेझिझक कहा कि, “काले जादू जैसा कुछ असल में होता ही नहीं है। यह केवल डर के व्यापार का हिस्सा है।” उन्होंने सलाह दी कि यदि कोई व्यक्ति लगातार एक महीने तक उपरोक्त साधारण उपाय करे, तो भीतर की चिंता, अनिश्चितता और भय स्वतः समाप्त हो जाते हैं।
प्रेमानंद महाराज का यह संदेश न केवल टोना-टोटका के डर से जूझ रहे लोगों को राहत देता है, बल्कि आध्यात्मिकता के माध्यम से जीवन में स्थिरता और सकारात्मकता लाने की प्रेरणा भी देता है।