➤ हाई कोर्ट ने माना खिलाड़ियों की नियुक्ति वैध
➤ सरकार की अपील को बताया समय की बर्बादी
➤ ₹50 हजार का जुर्माना भी लगाया गया सरकार पर
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज अंकुर मित्तल और अभिषेक वर्मा को हरियाणा सिविल सर्विस (HCS) या हरियाणा पुलिस सर्विस (HPS) में नियुक्त करने के निर्णय को पूरी तरह सही करार दिया है। अदालत ने राज्य सरकार की अपील को सिरे से खारिज करते हुए 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार ने वैध दावे को रोकने और अदालत का समय बर्बाद करने की कोशिश की।
चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट कहा कि यदि राज्य सरकार ने पहले ही उचित कानूनी सलाह ली होती, तो यह मामला कोर्ट तक आता ही नहीं। कोर्ट ने यह भी जोड़ा कि इन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन किया है और सरकार की ही नीति के तहत उन्हें सेवाओं में मौका दिया गया है।
राज्य सरकार ने आपत्ति जताई थी कि खिलाड़ियों को बिना सामान्य प्रक्रिया के सीधी नियुक्ति नहीं दी जा सकती, लेकिन अदालत ने कहा कि जब खेल नीति के तहत सरकार खुद ही ऐसी नियुक्तियों की छूट देती है, तो फिर अपनी ही नीति को चुनौती देना सरकार की खुद की विफलता है। अदालत ने दो टूक कहा कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उचित सम्मान और सेवा में स्थान मिलना ही चाहिए।
अदालत के फैसले ने न केवल खिलाड़ियों को राहत दी है, बल्कि उन हजारों अन्य खिलाड़ियों के लिए भी मार्ग प्रशस्त किया है जो खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर सेवाओं में चयन का सपना देखते हैं। इस फैसले से यह भी स्पष्ट हो गया कि कोर्ट अब ऐसी अपीलों को बर्दाश्त नहीं करेगा जो न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करें।

