➤ गैंगरेप का सनसनीखेज आरोप निकला झूठा
➤ पति की सहानुभूति पाने के लिए रची काल्पनिक कहानी
➤ मेडिकल में रेप की पुष्टि नहीं, FIR कैंसिल, केस पलटा
हरियाणा के बहादुरगढ़ में 3 दिन पहले सामने आया कथित गैंगरेप का मामला पूरी तरह से झूठा निकला। पुलिस जांच में पता चला कि महिला ने यह कहानी अपने पति की सहानुभूति पाने के लिए गढ़ी थी। वजह थी – उसे डर था कि कहीं उसका पति उसे छोड़ न दे। इसलिए उसने एक पूरी झूठी स्क्रिप्ट तैयार की और थाने में दर्ज करा दी दर्दनाक वारदात की रिपोर्ट।
22 जुलाई को महिला ने आसौदा थाना पहुंचकर बताया कि जब वह रोहद गांव स्थित फैक्ट्री में अपने पति से मिलने जा रही थी, तो रास्ते में बाइक सवार तीन युवकों ने उसका मोबाइल छीना और फिर झाड़ियों में खींचकर उसके साथ गैंगरेप किया। महिला ने दावा किया कि राहगीरों ने उसे गंभीर हालत में झाड़ियों से निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

लेकिन जब पुलिस ने सिविल अस्पताल में मेडिकल जांच कराई तो वहां रेप की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद पुलिस को संदेह हुआ और मामला गहराई से खंगाला गया। CCTV फुटेज, घटनास्थल की बारीकी से जांच और महिला से दोबारा पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हो गया कि पूरी घटना मनगढ़ंत थी।
DCP मयंक मिश्रा के अनुसार, महिला ने एक साल पहले लव मैरिज की थी और अब उसे अपने रिश्ते को लेकर असुरक्षा महसूस हो रही थी। इसी वजह से उसने पति को इमोशनल करने के लिए झूठा गैंगरेप का आरोप लगाया, ताकि वह उसे छोड़ने का मन न बना सके।
पुलिस ने अब FIR रद्द कर दी है और महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। पुलिस मानती है कि ऐसे फर्जी मामलों से न केवल सिस्टम का वक्त बर्बाद होता है, बल्कि असली पीड़ितों को न्याय मिलने में भी देरी होती है।

