Copy of Copy of Copy of Copy of Copy of Copy of Copy of Copy of Copy of Copy of Copy of Copy of Copy of Copy of Copy of हिमाचल में फोरलेन के खिलाफ गरजे लोग NHAI को घेरा 27

एचएसवीपी घोटाला: पूर्व विधायक-सहित पांच पर मनी लॉन्ड्रिंग केस!

हरियाणा की बड़ी खबर

एचएसवीपी घोटाले में पूर्व विधायक और पूर्व अधिकारी पर मनी लॉन्ड्रिंग केस
225.51 करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन के गबन का खुलासा
ईडी ने चार्जशीट दाखिल कर 27.30 करोड़ की संपत्ति अटैच की

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) से जुड़े अब तक के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक में पूर्व विधायक राम निवास सुरजाखेड़ा और विभाग के पूर्व अधिकारी सुनील कुमार बंसल समेत पांच लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस चलेगा। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को पंचकूला की विशेष अदालत में मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत इन पांचों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि कुल 225.51 करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन का गबन किया गया है।

मामला एचएसवीपी (पूर्व में हुडा) के बैंक खातों से धोखाधड़ी कर बड़ी रकम के गबन से जुड़ा है। ईडी के अनुसार, वर्ष 2015 से 2019 के बीच चंडीगढ़ स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एक खाते से लगभग 70 करोड़ रुपये का लेन-देन संदिग्ध व्यक्तियों के खातों में किया गया। हैरानी की बात यह है कि यह बैंक खाता न तो कैश ब्रांच और न ही आईटी विंग में दर्ज था। आंतरिक जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे फर्जीवाड़े को बेहद गुप्त तरीके से सुनील कुमार बंसल और राम निवास सुरजाखेड़ा ने अंजाम दिया।

Whatsapp Channel Join

ईडी की जांच में एचएसवीपी से जुड़े 10 और बैंक खातों का भी खुलासा हुआ, जिनमें इसी तरह की हेराफेरी की गई थी। ईडी ने इस गबन की रकम को अपराध की आय घोषित करते हुए 9 जून को दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। एजेंसी अब तक इस मामले में 27.30 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर चुकी है और जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। यह मामला न केवल वित्तीय भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण है, बल्कि सरकारी तंत्र में मौजूद सुरक्षा खामियों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।