➤ नारनौल में पत्नी को पति की आत्महत्या मामले में 7 साल की सजा
➤ सेशन कोर्ट ने लगाया 25 हजार रुपये का जुर्माना, न भरने पर अतिरिक्त सजा
➤ पति ने सुसाइड नोट में पत्नी को ठहराया था मौत का जिम्मेदार
हरियाणा के नारनौल में तीन साल पुराने पति की आत्महत्या के मामले में सेशन कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पत्नी ज्योति को दोषी करार देते हुए सात साल का कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना न भरने पर उसे छह माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी।
यह मामला 17 जुलाई 2022 का है, जब शहर के मोहल्ला चांदुवाड़ा निवासी और पंजाब नेशनल बैंक के कर्मचारी विनय टिकानियां ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मौके से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था, जिसमें विनय ने अपनी मौत का जिम्मेदार अपनी पत्नी को ठहराया था।
मृतक के भाई जितेंद्र की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। शिकायत में कहा गया था कि विनय की शादी 25 जनवरी 2019 को महेंद्रगढ़ के गांव चेलावास की रहने वाली ज्योति से हुई थी। शादी के बाद से ही ज्योति पति पर अलग घर में रहने का दबाव बनाती और अक्सर लड़ाई-झगड़ा करती थी।
परिजनों ने कई बार ज्योति को समझाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति नहीं बदली। 10 जुलाई 2022 को ज्योति अपने बेटे के साथ नारनौल आई, इसके बाद भी उसने अलग रहने की मांग करते हुए पति से झगड़ा किया। इससे परेशान होकर विनय ने 17 जुलाई 2022 को घर में पंखे से लटककर अपनी जान दे दी।
मामले में पैरवी कर रहे वकील करण सिंह यादव ने बताया कि महिला द्वारा अपने पति को लगातार मानसिक प्रताड़ना देने के पर्याप्त सबूत अदालत के सामने पेश किए गए। इन्हीं सबूतों के आधार पर कोर्ट ने सात साल की सजा और जुर्माना सुनाया।

