सोनीपत पुलिस ने हनी ट्रैप मामले का खुलासा करते हुए सोनीपत कोर्ट के दो अधिवक्ता सहित एक आरोपित महिला को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जिला पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में गठित एसआईटी टीम को यह सफलता मिली है। गिरफ्तार आरोपित लोगों को दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं के झूठे मामलों में फंसा कर रुपए ऐठने का काम करते थे। आरोपितों ने अब तक करीब 12 वारदातों को अंजाम दिया है। जिसमें उन्होंने झूठे मुकदमे दर्ज करवा कर हनीट्रैप में लाखों रुपए लोगों से ठगे हैं।
गांव रोहट निवासी प्रदीप ने पुलिस आयुक्त को शिकायत देकर बताया था कि वह सोनीपत कोर्ट में वकालत करता है। बबीता नाम की एक महिला ने दुष्कर्म व जान से मारने की धमकी देने का मामला सिविल लाइन थाने में दर्ज करवाया है। इस संबंध में उसके परिचित सुरेंद्र उर्फ जादूगर ने बबीता को अपना परिचय बताते हुए एक मोबाइल नंबर भेजने की बात कही, जो इस केस की पैरवी करने की बात कही। बबीता नाम की महिला ने थाने में जाकर एक शपथ पत्र दिया कि वह दुष्कर्म व जान से मारने के मामले में कोई कार्रवाई नहीं करवाना चाहती है। पुलिस ने उसे मामले को निरस्त कर दिया था।
नशीला पदार्थ व सामूहिक दुष्कर्म का करवाया था मुकदमा दर्ज
वही पुलिस की तरफ से सीआरपीसी की धारा 182 के तहत महिला के खिलाफ में कार्रवाई शुरू कर दी थी। मामले में जब उसने बबीता से अपनी फीस मांगी तो उसने फीस देने से मना कर दिया। जिसको लेकर महिला के साथ उसकी कहासुनी हो गई। इसके बाद बबीता ने विजय इंदौर वकील मनोज दहिया वकील के साथ मिलकर उसके खिलाफ एक झूठा मुकदमा मई माह में नशीला पदार्थ व सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवाया था।
मुकदमा खारिज व जमानत करवाने का दिया झांसा
पीड़ित ने बताया कि उसे मनोज दहिया व विजय इंदौर ने मामले में समझौता करवाने के लिए एक चेंबर में बुलाया। जहां उसे 8 लाख विजय इंदौरा व मनोज दहिया ने 5 लाख में समझौता करवाने की मांग की। वहीं थाना प्रभारी से कहकर मुकदमा खारिज करवाने व कोर्ट से जमानत करवाने का झांसा दिया। आरोपित महिला बबीता एक सपोर्टिव एफिडेविट भी देगी। जिसकी वीडियो मैंने बना ली, उसे ब्लैकमेल किया जाने लगा।
उसने दोनों वकीलों से कहा कि वह नाजायज तरीके से ब्लैकमेल करके उससे रुपए ऐंठ रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि आरोपी ने उसे धोखाधड़ी करके ब्लैकमेल करके रुपए ऐंठता रहा है और उसने कहा कि वह सोनीपत कोर्ट में जज लगा हुआ है…इसकी वीडियो भी उसने बना ली। जिला पुलिस आयुक्त के आदेश पर एसीपी गोरखपाल के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया।
हनी ट्रैप मामले में पीड़ित पक्ष पर करवा दिया था मामला दर्ज
एसीपी गोरखपाल राणा ने बताया कि 3 महीने पहले का मामला है, जिसमें दो मामले सामने आए थे। जहां गनौर के बड़ी थाना और सोनीपत में सिटी थाना के अंतर्गत मामला सामने आया था। जहां बड़ी थाना के अंतर्गत दिनेश से ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया था। वही सोनीपत में मनोज दहिया और विजय इंदौर दोनों पेशे से वकील है। दोनों ने मिलकर हनी ट्रैप मामले में पीड़ित पक्ष पर मामला दर्ज करवा दिया था और मामले की जांच में जब सच सामने आया तो वह मुकदमा कैंसिल कर दोनों वकील और महिला आरोपी के खिलाफ हनी ट्रैप और अवैध उगाही का मामला दर्ज किया है।
वही मामले में सीसीटीवी फुटेज और ऑडियो भी सबूत के तौर पर सामने आए थे। वहीं पूरे मामले में जांच करने के बाद दो वकील और एक महिला को हन्नी ट्रिप मामले में गिरफ्तार कर लिया है। इसी ग्रुप द्वारा 12 से 13 मामलों को अंजाम दिया गया है। फिलहाल आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

