टीम बिंदल में शिमला का दबदबा कुल्लू लाहौल स्पीति की अनदेखी कई दिग् गज भी बाहर 3

मतलब की खबर! टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव करने की मंजूरी, जानें क्‍या-क्‍या होगा सस्‍ता

हरियाणा की बड़ी खबर

GST काउंसिल को मंत्रियों के समूह ने 5% और 18% स्लैब को दी मंजूरी
➤ रोजमर्रा के सामान और दवाइयाँ होंगी सस्ती, लग्जरी आइटम्स पर लगेगा 40% टैक्स
GoM की सिफारिशें अब काउंसिल की बैठक में होंगी पेश, सितंबर-अक्टूबर तक फैसला संभव


Whatsapp Channel Join

GST सुधारों की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मंत्रियों के समूह (GoM) ने टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव करने की मंजूरी दे दी है। अभी तक जीएसटी के चार स्लैब—5%, 12%, 18% और 28% लागू थे। लेकिन अब 5% और 18% स्लैब को बरकरार रखते हुए 12% और 28% स्लैब खत्म करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। साथ ही, लग्जरी आइटम्स को 40% के टैक्स दायरे में रखा जाएगा।

GoM के संयोजक सम्राट चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार के प्रस्ताव को समर्थन दिया गया है और इसे अब जीएसटी काउंसिल के सामने रखा जाएगा। काउंसिल की बैठक सितंबर या अक्टूबर 2025 में हो सकती है, और यदि 75% बहुमत से यह पास हो गया तो नई दरें 2026 की शुरुआत से लागू हो सकती हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर ऐलान किया था कि इस दिवाली पर देश को बड़ा तोहफा मिलेगा। उन्होंने कहा था कि Next Generation GST Reforms लाए जाएंगे, जिससे सामान्य लोगों पर टैक्स का बोझ घटेगा और रोजमर्रा की चीजें सस्ती होंगी।

क्या होगा सस्ता?

  • 12% से घटकर 5% टैक्स: सूखे मेवे, ब्रांडेड नमकीन, टूथपेस्ट, साबुन, हेयर ऑयल, सामान्य एंटीबायोटिक्स व पेनकिलर, स्नैक्स, प्रोसेस्ड फूड, फ्रोजन सब्जियां, कंडेंस्ड मिल्क, मोबाइल, कंप्यूटर, सिलाई मशीन, प्रेशर कुकर, गीजर, साइकिल, बर्तन, पानी के फिल्टर, वैक्सीन, डायग्नोस्टिक किट आदि।
  • शिक्षा व बच्चों से जुड़ी चीजें जैसे ज्योमेट्री बॉक्स, नक्शे, ग्लोब, ग्लेज्ड टाइल्स, कृषि मशीनरी, सोलर वॉटर हीटर पर भी घटकर 5% टैक्स लगेगा।

28% से घटकर 18% टैक्स

  • सीमेंट, ब्यूटी प्रोडक्ट, चॉकलेट, टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एसी, डिशवॉशर, प्रोटीन कॉन्सेंट्रेट, प्लास्टिक प्रोडक्ट, रबर टायर, एल्युमिनियम फॉयल, प्रिंटर, रेजर, मैनिक्योर किट, डेंटल फ्लॉस आदि।

GoM की भूमिका

GoM विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ मंत्रियों का समूह होता है, जो टैक्स दर, राजस्व विश्लेषण और अन्य जटिल मुद्दों पर काउंसिल को सिफारिशें देता है। फिलहाल दर रेशनलाइजेशन पर गठित GoM में बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और केरल के प्रतिनिधि शामिल हैं।

नई दरें लागू करने से पहले सभी राज्यों को सहमत करने की कोशिश की जाएगी। जिन राज्यों ने आपत्ति जताई है, उनके साथ चर्चा होगी। अंतिम मंजूरी के बाद केंद्र और राज्य सरकारें कानूनी और तकनीकी प्रक्रिया पूरी करेंगी।