➤ ED की गुरुग्राम में बड़ी कार्रवाई
➤ 42 लाख वाले 17 बैंक खाते फ्रीज और 15 करोड़ की संपत्तियां चिन्हित
➤ प्लाट और क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर लोगों से करोड़ों की ठगी का खुलासा
गुरुग्राम में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 19 अगस्त को बड़ी कार्रवाई करते हुए चार स्थानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 (PMLA) के तहत की गई। एजेंसी ने बताया कि मामला लोगों से सस्ते दामों पर प्लाट बेचने और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी करने से जुड़ा है।
कार्रवाई के दौरान ईडी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद किए। साथ ही एजेंसी ने 17 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया, जिनमें करीब 42 लाख रुपये जमा थे। इसके अलावा 15 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्तियों की पहचान की गई है।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई हरियाणा पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई। इसमें संदीप यादव, मनोज यादव और उनके सहयोगियों पर धोखाधड़ी का आरोप है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मिलकर लोगों को सस्ते दामों पर जमीन दिलाने और क्रिप्टो निवेश से मुनाफा कमाने का झांसा देकर मोटी रकम हड़प ली।
ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि ठगों ने अपराध से हुई कमाई को जमीन-जायदाद और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया। इससे पहले भी ईडी इस केस में 17 करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसी जब्त कर चुकी है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल थे और कितने निवेशक इससे प्रभावित हुए।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि तेज मुनाफे के लालच में आकर की गई जल्दबाजी अक्सर बड़े नुकसान में बदल जाती है।