➤ डाक विभाग और एएमएफआई ने म्यूचुअल फंड बेचने के लिए किया एमओयू
➤ अब देशभर के डाकघरों से मिलेगा म्यूचुअल फंड निवेश का विकल्प
➤ ग्रामीण और छोटे शहरों में बढ़ेगी वित्तीय समावेशन की पहुंच
भारत के वित्तीय समावेशन को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। डाक विभाग (DOP) और एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) ने आपसी साझेदारी कर देशभर के पोस्ट ऑफिस से म्यूचुअल फंड बेचने का फैसला लिया है। यह समझौता 22 अगस्त 2025 से लागू होगा और 21 अगस्त 2028 तक मान्य रहेगा। जरूरत पड़ने पर इसकी अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकेगा।
इस पहल का सबसे बड़ा लाभ उन करोड़ों लोगों को मिलेगा जो आज भी गांव और कस्बों में रहते हैं और जहां म्यूचुअल फंड जैसे निवेश विकल्पों की पहुंच बेहद सीमित है। देशभर में फैले लाखों डाकघरों का भरोसेमंद नेटवर्क इस मिशन को सफल बनाएगा।
समझौते के तहत डाक विभाग के कर्मचारी अब म्यूचुअल फंड वितरक (Distributor) के तौर पर काम करेंगे। वे निवेशकों को सही जानकारी देंगे, उन्हें निवेश प्रक्रिया समझाएंगे और निवेश पूरा करने में मदद करेंगे। अब तक म्यूचुअल फंड शहरी और शिक्षित वर्ग तक ही सीमित था, लेकिन यह कदम छोटे शहरों और ग्रामीण निवेशकों के लिए नए अवसर खोलेगा।
समझौते में निवेशक डेटा की सुरक्षा और सेवाओं की पारदर्शिता को सबसे अहम माना गया है। निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए कई सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।
संचार मंत्रालय का कहना है कि इस पहल का मुख्य लक्ष्य है — हर नागरिक तक म्यूचुअल फंड निवेश पहुंचाना। वहीं, एएमएफआई का मानना है कि लोगों को बचत खाते से आगे बढ़कर निवेश के विकल्प अपनाने चाहिए, ताकि वे लंबे समय में अपनी संपत्ति बढ़ा सकें।
इस एमओयू पर डाक विभाग की महाप्रबंधक (बिज़नेस डेवलपमेंट) मनीषा बंसल बादल और एएमएफआई के सीईओ वी.एन. चलसानी ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सेबी अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे भी मौजूद रहे।
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में यह मॉडल भारत के वित्तीय ढांचे को मजबूत करेगा और करोड़ों छोटे निवेशकों को निवेश की मुख्यधारा से जोड़ेगा। यह पहल भारत में वित्तीय जागरूकता और निवेश संस्कृति को नई ऊंचाई देने का काम करेगी।