सोनीपत में ग्रामीण और शहरी स्तर पर करीबन 6 से ज्यादा सड़कें यमराज को बुलाने का न्योता दे रही हैं। आए दिन सड़कों पर हादसे होते हैं। जिम्मेदार टेंडर के नाम पर पिछले दो साल से लगातार जनता को गुमराह कर रहे हैं और सरकार की नीतियों को पलीता लगा रहे हैं। इसीलिए लोग हर दरवाजे पर हर तरीके से प्रोटेस्ट करके अपनी बात रख चुके हैं। कोई भी सुनने को तैयार नहीं हैं। सड़कों पर होने वाले हादसों के ग्राफ में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
अगर आप सोनीपत शहर में जा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है, क्योंकि गांव से शहर और शहर के लिए जाने वाले सभी रास्ते अपनी गंदी सड़कों के कारण बदहाल हो गए हैं। सड़कों में इतने ज्यादा गड्ढे हैं कि कब कौन से गड्ढ़े में गिरकर हादसे का शिकार हो जाए, किसी को नहीं पता। सड़कों पर पैदल चलने का भी रास्ता सुरक्षित नहीं है। कई रास्ते साल भर से बंद पड़े हुए हैं, राहगीर अपने गांव की तरफ जाने के लिए कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काट कर जा पाते हैं और स्थानीय लोग बारिश के दिनों में बीमारियों मच्छर मक्खियों से परेशान रहते हैं, क्योंकि टूटी हुई सड़कों के गहरे गड्ढे तालाब में तब्दील हो जाते हैं।
खानपुर मार्ग की दुर्दशा, मरीजों का हाल-बेहाल
सोनीपत से खानपुर मार्ग की दुर्दशा से मेडिकल जाने वाले मरीजों का हाल बेहाल है। गांव सांदल खुर्द, शहजादपुर और ठरू की बदहाली ने लोगों के आंसू निकाले हुए हैं। इसी प्रकार शहर का पुरखास रोड, जटवाड़ा, ककरोई भदाना रोड, राठधाना रोड, गोहाना रोड, कालूपुर चौक, कामी रोड समेत हर सड़क के बुरे हालात हैं।

दुकानदारों की रोजी-रोटी खतरे में
सोनीपत में सड़कों की स्थिति इतनी दयनीय है कि मानो अधिकारी और जिम्मेदार रोड को बनाना भूल गए हो। हालत यह है कि सड़कों की अनदेखी के कारण सड़कों से रोड़ी, बजरी सड़कों पर बिखरी पड़ी हैं। दिन में सड़कों पर धूल उड़ने के कारण दुकानदारों की रोजी-रोटी खतरे में पड़ गई है। रात को सड़कों पर स्ट्रीट लाइट न होने के कारण गहरी गड्डों का पता नहीं लग पता और वहां सीधे गहरे गड्डों में जा गिरते हैं और कई बार दो पहिया वाहन चालक बजरी और रोड़ी में फिसलकर धड़ाम से गिर जाते हैं। हादसों की सड़क वाहन चालकों के लिए किसी आपदा से कम नहीं है।
केएमपी-एक्सप्रेस जैसे हाईवे तैयार, यहां की कोई सुध नहीं
सड़कों की बदहाली के कारण चलने के दौरान कब यमराज उठा ले, कोई नहीं जानता। क्या जिम्मेदारों कि इस प्रकार की लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, यह सवाल काफी महत्वपूर्ण है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई सालों से फिर खास रोड के बुरे हालात हैं, हर दरवाजे पर अर्जी लगाई जा चुकी है, कोई सुनने वाला नहीं है। हालांकि लोगों का यह भी कहना है कि केएमपी और एक्सप्रेस जैसे हाईवे काफी अच्छे बना दिए हैं, लेकिन गांव और शहर की सड़कों की तरफ अनदेखी की लोगों की जान ले रही है।

