चरखी दादरी में ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक डॉ. जयकृष्ण अभीर ने जिले के गांव हड़ौदा कलां, गोपी और जेवली में विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने इस दौरान मनरेगा के तहत बनाए जा रहे अमृत सरोवर के काम की प्रगति की रिपोर्ट ली।
निदेशक डॉ. जयकृष्ण आभीर ने कहा कि पुराने समय से ही ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों का महत्व रहा है और सरकार के निर्णय के अनुसार अब तालाबों को बनाया जा रहा है। अमृत सरोवरों के चारों ओर पौधे लगाने के कारण पर्यावरण में भी सुधार हुआ है।
6817 तालाब बनाने का है सरकार का लक्ष्य
सरकार ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अमृत सरोवर योजना के तहत अब तक 1821 तालाबों का बनाने का काम पूरा कर लिया है जबकि 5419 तालाबों का काम प्रगति पर है। अगले साल के आखिर तक 817 तालाब और इस योजना के तहत पूरे कर लिए जाएंगें। सरकार की ओर से योजना के तहत प्रदेश में कुल 6817 तालाबों बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रदेश के हर जिले में बनाए जाऐंगे 75 अमृत सरोवर
डॉ. जयकृष्ण अभीर ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल के नेतृत्व में हरियाणा तालाब प्राधिकरण प्रदेश के सभी तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए काम कर रहा है। प्राधिकरण पॉड डाटा मैनेजमेंट सिस्टम (पीडीएमएस) में उपलब्ध करीब साढे़ 19 हजार तालाबों में से करीब 12 हजार प्रदूषित तालाबों का सुंदरीकरण करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अमृत सरोवर मिशन के तहत प्रदेश के हर जिले में 75 अमृत सरोवर बनाए जाने हैं जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
अमृत सरोवर मिशन के तालाबों को तीन चरणों में बांटा
जिला परिषद के सीईओ प्रदीप कौशिक ने कहा कि अमृत सरोवर मिशन के तहत अमृत, अमृत प्लस और अमृत प्लस-प्लस तीन चरणों में तालाबों को विभाजित करने की योजना है। अमृत प्लस-प्लस के अंतर्गत सभी सरोवरों को प्रदेश के लिए आय का स्रोत बनाने की योजना है। इसके लिए प्राधिकरण ने मत्स्य पालन विभाग और मिकाड़ा को हर जिले में कम से कम पांच तालाबों को चुनने के लिए कहा गया है।

