यमुनानगर के दामला गांव से रेलवे में नौकरी का झांसा देकर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित दीपक को टिकट कलेक्टर लगवाने के नाम पर दो लोगों ने उससे 18.11 लाख रुपये ठग लिए। रुपये लेने के बाद आरोपियों ने उसे फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया।
सदर थाना पुलिस ने टेहा पाबनी रोड निवासी सोहन लाल उर्फ सोनू और शाहबाद निवासी सुनील कुमार पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
टिकट कलेक्टर के पद के लिए जमीन बेचकर दिए आरोपी को पैसे
दीपक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि साल 2020 में एक रिश्तेदार के माध्यम से उसकी मुलाकात टेहा निवासी सोनू के साथ हुई थी। आरोपी ने उससे कहा कि वह उसे रेलवे में टिकट कलेक्टर के पद पर लगवा देगा। इसके लिए 20 लाख रुपये देने होंगे। उस समय वह बीए कर रहा था। आरोपी ने उन्हें बातों में उलझा लिया और कहा कि जब तक बीए की पढ़ाई पूरी होगी, तब तक 20 लाख रुपये किस्तों में अदा कर देना। उसके पिता ने जमीन बेचकर आरोपी को पूरा पैसा दे दिया।
फर्जी अप्वाइंटमेंट लेटर थमाया युवक के हाथ में
बीए होने पर उसने आरोपी सोनू से संपर्क किया। 30 जुलाई 2022 को आरोपी उनके घर पर टीसी का अप्वाइंटमेंट लेटर लेकर आया और कहा कि यह लेटर लेकर एक सप्ताह के अंदर रेलवे विभाग दिल्ली में हजरत निजामुद्दीन में जाकर ज्वाइन कर लेना। वहां पर उसका जानकार सुनील मिलेगा। उसका मोबाइल नंबर भी आरोपी ने दिया। वह अपने पिता के साथ दिल्ली गया और वहां आरोपी सुनील से बात की।
पुलिस ने स्टेशन से पकड़ा था 12 फर्जी टिकट कलेक्टरों को
आरोपी सोनू के दिए ज्वाइनिंग लेटर पर उसने साइन कराए और अगले दिन ज्वाइन करने के लिए कहा। अगले दिन जब वह रेलवे स्टेशन पर पहुंचा तो उसे पता लगा कि आरोपियों ने युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का गिरोह बनाया है। उसी दिन पुलिस ने स्टेशन से 12 फर्जी टिकट कलेक्टरों को भी पकड़ा था।
जांच कराने पर ज्वाइनिंग लेटर निकला फर्जी
उसने भी अपने ज्वाइनिंग लेटर की जांच कराई तो यह फर्जी निकला। इसके बाद उसने आरोपी से संपर्क किया और पैसे वापस मांगे तो उसने कुछ दिन का समय मांगा। काफी दबाव देने पर आरोपी ने एक लाख 89 हजार रुपये वापस किए। दोबारा दबाव डालने पर आरोपी ने उसे कुछ चेक दिए थे। चेक बाउंस हो गए। सदर थाना प्रभारी जोगिंद्र सिंह का कहना है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

