Rail Roko movement of farmers in Punjab

पंजाब में किसानों का मांगों को लेकर रेल रोको आंदोलन, रेलवे ने रद्द की 36 ट्रेनें, 22 का रूट डायवर्ट, पंजाब- हरियाणा सहित कई राज्यों का आवागमन प्रभावित

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पंजाब में बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए मुआवजा, किसान मजदूर ऋण मुक्ति, मनरेगा और नशे जैसी कई मांगों को लेकर किसानों के रेल रोको आंदोलन का आज दूसरा दिन है। 19 किसान संगठनों की ओर से पंजाब के अमृतसर, जालंधर कैंट और तरनतारन सहित करीब 12 स्थानों पर रेलवे ट्रैक पर धरना दिया जा रहा है। ऐसे में रेलवे को करीब 36 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा तो करीब 22 ट्रेनों को रूट डायवर्ट कर चलाया जा रहा है। साथ ही 20 से अधिक ट्रेनों को बीच रास्ते के स्टेशनों से गंतव्य की ओर रवाना किया जा रहा है। जिसके लिए रेलवे की ओर से लिस्ट भी जारी की गई है।

हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के बीच आवागमन करने वाली ट्रेनें आंदोलन के चलते ज्यादा प्रभावित हैं। उधर किसानों के रेल रोको आंदोलन के चलते लंबा सफर करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलन के चलते पंजाब ही नहीं, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और उत्तराखंड सहित कई राज्यों का आवागमन प्रभावित है।

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बता दें कि किसान संगठनों ने तीन दिवसीय रेल रोको आंदोलन के तहत गुरुवार को ट्रेन की पटरियों पर बैठकर प्रदर्शन की शुरुआत की थी। जिसके चलते फिरोजपुर डिवीजन की कम-से-कम 18 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेतृत्व में कई किसान संगठन तीन दिवसीय रेल रोको आंदोलन पर हैं। जिसका आज दूसरा दिन है। इस आंदोलन के जरिए किसान हाल ही में बाढ़ से हुए नुकसान के लिए वित्तीय सहायता, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी और कर्ज माफी सहित कई अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शनरत हैं।

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फिरोजपुर डिवीजन के एक रेलवे अधिकारी के अनुसार रेल रोको आंदोलन के पहले दिन 18 ट्रेनों की सेवाएं प्रभावित रही। ट्रेनों का आवागमन प्रभावित होने से यात्रियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। उन्होंने बताया कि पहले दिन 18 ट्रेनों में से 12 ट्रेनें, जो यहां से रवाना हुईं और यहां पहुंचीं, कैंसिल कर दी गई हैं। इसके अलावा लंबे रूट पर चलने वाली ट्रेनों को रूट बदलकर चलाया जा रहा है।

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मांगें नहीं मानीं तो हरियाणा सहित देश के किसानों को एकजुट करेंगे प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि तीन दिवसीय आंदोलन का आह्वान एक महीने पहले किया गया था। सरकार को उनकी मांगों का समाधान अब तक कर देना चाहिए था। किसानों की मांग है कि सरकार बातचीत कर उनकी मांगों का जल्द से जल्द समाधान करे। अगर पंजाब के किसानों के साथ अन्याय करने की कोशिश की जाएगी तो हरियाणा के किसान भी पंजाब के किसानों के साथ शामिल होकर पूरे देश के किसानों को एकजुट करने से पीछे नहीं हटेंगे।

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पंजाब में किसानों ने कहां-कहां जाम किया रेल ट्रैक
किसानों ने रेल रोको आंदोलन के चलते पंजाब के मोगा, होशियारपुर, गुरदासपुर के बटाला, जालंधर कैंट, तरनतारन, सुनाम, नाभा, फिरोजपुर में बस्ती टैंकवाली, मल्लांवाला, बठिंडा में रामपुरा और अमृतसर में देवीदासपुरा में रेल ट्रैक पर बैठकर जाम कर दिया है। जिससे ट्रेनों का आवागमन प्रभावित है। जिसका खामियाजा ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।

किसानों ने की 50000 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग

वहीं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आंदोलनों के दौरान जिन किसानों ने अपनी जान गंवाई, उनके परिवारों को मुआवजा और नौकरी का आश्वासन दिया गया था। लेकिन सरकार ने अभी तक अपने आश्वासन को पूरा नहीं किया है। इसके अलावा किसानों ने बाढ़ के मुआवजे के रूप में 50000 करोड़ की मांग की है। अगर सरकार ने किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया तो किसान आंदोलन को बढ़ाने से पीछे नहीं हटेंगे।

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यात्री बसों में भीड़भाड़ के बीच सफर करने को मजबूर

पंजाब में रेल रोको आंदोलन के चलते रेलवे ट्रैक जाम होने के कारण कई राज्यों के रूटों पर ट्रेनों का आवागमन प्रभावित है। इसके अलावा रेलवे की ओर से पंजाब में कई जगहों पर ट्रेनों के रूट को छोटा कर दिया गया है। ऐसे में पंजाब जाने वाले यात्री अंबाला या लुधियाना तक ही ट्रेनों में सफर तय कर पा रहे हैं। इससे आगे यात्री बसों में सफर करने पर मजबूर है। साथ ही बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ गई। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को भी भीड़भाड़ के बीच बसों में सफर करना पड़ रहा है।