Former central Minister Birendra Singh

Jind में मेरी आवाज सुनो रैली से Birender Singh ऐलान, भाजपा-जजपा का गठबंधन रहा तो छोड़ देंगे बीजेपी

जींद बड़ी ख़बर राजनीति हरियाणा

पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने जींद के एकलव्य स्टेडियम में आयोजित मेरी आवाज सुनो रैली के माध्यम से घोषणा की है कि अगर भाजपा और जजपा का गठबंधन बरकरार रहा तो वह भाजपा काे छोड़ देंगे। अगर भाजपा सही तरीके से हरियाणा में चुनाव लड़ना चाहती है तो जजपा को बाहर का रास्ता दिखाया जाए। बीरेंद्र सिंह ने मंच के माध्यम से आरोप लगाते हुए कहा कि जितना भ्रष्टाचार और प्रदेश की जनता को धोखा जजपा के बड़े नेता ने दिया है, आज तक की राजनीति में किसी ने नहीं दिया। इससे पहले भाजपा सांसद और पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह ने मंच के माध्यम से अपनी तरफ से उन्हें बंधन मुक्त कर दिया था। बृजेंद्र सिंह ने बेटे के बारे में सोचने की नहीं, बल्कि जो सही लगे, वहीं करने की बात कहीं थी।

हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी और जननायक जनता पार्टी के बीच गठबंधन होने से प्रदेश में पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के समीकरण बिगड़ गए हैं। ऐसे में उन पर समर्थकों का भाजपा को छोड़ने का दबाव बढ़ गया था, इसलिए बीरेंद्र सिंह की ओर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर जींद के एकलव्य स्टेडियम में मेरी आवाज सुनो रैली का आयोजन किया। रैली में पहुंचे उनके समर्थकों ने अपनी प्रतिक्रियाएं देते हुए रैली की शुरुआत की। साथ ही काफी संख्या में दूसरे जिलों और प्रदेशों से भी बीरेंद्र सिंह के समर्थकों ने रैली में पहुंचकर उनका हौसला बढ़ाने का काम किया। उनकी रैली ने तय कर दिया है कि अब बीरेंद्र सिंह अगर भाजपा-जजपा गठबंधन रहा तो भाजपा को छोड़ सकते हैं।

बीरेंद्र जींद

सीधे जाओ तो 8 और किसी को बीच में लेकर जाओ तो लेते हैं 10 प्रतिशत

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मेरी आवाज सुनो रैली के मंच से बीरेंद्र सिंह ने कहा कि अगर भाजपा को यह गलतफहमी है कि जजपा उन्हें वोट दिलवाएगी, लेकिन जजपा को अपनी ही वोट नहीं मिलनी, उन्हें क्या दिलवाएगी। उन्होंने प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का बिना नाम लिए कहा कि सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार जजपा के एक बड़े नेता ने किया, जिसमें लोगों को देवीलाल नजर आता था। लोग उसे अवतार मानने लगे थे, उसी ने सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार किया है। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि इतना बड़ा धोखा राजनीति में किसी ने आज तक नहीं किया होगा। बीरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि लोग इनकी शिकायत लेकर आते हैं कि अगर सीधे जाओ तो 8 प्रतिशत और अगर किसी को बीच में लेकर जाओ तो 10 प्रतिशत लेते हैं। भ्रष्टाचार की भी हद होती हैं।

भाजपा ने भी दिया सम्मान, कभी नहीं कहा आप उल्टे का काम कर रहे हो

बीरेंद्र सिंह ने जनता से कहा कि जो तुम चाहते हो, वहीं मैं करूंगा, तुम्हारे से अलग नहीं करूंगा। 42 साल कांग्रेस में काम किया, कांग्रेस ने सम्मान दिया। राजीव गांधी और सोनिया गांधी का साथ और विश्वास हरियाणा में सबसे ज्यादा उन्हें मिला है। वह सोनिया गांधी और राजीव गांधी के खिलाफ एक भी शब्द गलत नहीं बोलेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा ने भी उन्हें सम्मान दिया, लेकिन एक बात उनके स्वभाव में है। डीएनए का हिस्सा है, मन में जो बात है, बीरेंद्र सिंह उस बात को कहे बिना नहीं रूकता। वह भाजपा का अकेला आदमी था, जिसने किसानों का समर्थन किया था। महिला पहलवानों के साथ भी वह खड़े हुए। ये भी सच है कि भाजपा ने ये कभी नहीं कहा कि आप ये उलटे काम क्यों कर रहे हो।

ऐसे मंच की स्थापना हो, जिससे गरीब और कमेरे वर्ग का भला हो, युवाओं को रोजगार मिले

पूर्व कैबिनेट मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि कार्यक्रम में किसी का झंडा और डंडा नहीं हैं। वह न तो किसी पार्टी या नेता की बुराई करेंगे और न ही किसी का गुणगान करेंगे। लोगों की भीड़ ने उन पर बहुत बड़ा उपकार किया है। वह चाहते हैं कि ऐसे मंच की स्थापना हो, जिसमें गरीब और कमेरे वर्ग का भला हो। युवाओं को रोजगार मिले। हमें आजादी तो इसलिए मिली थी कि हम गरीब को नीचे से उठाकर बराबर करेंगे। किसान का भला हो, लेकिन 76 साल की आजादी में किसान और कमेरा वर्ग आज भी गरीबी का शिकार है। हजारों लाखों गरीब और कमेरे दबे हुए लोगों की आवाज को वह अपने मुंह से बोल रहे हैं।

तीसरी आर्थिक ताकत का नहीं रहता कोई मतलब, किसान को अहसान की जरूरत नहीं

बीरेंद्र सिंह ने कहा कि कहा जा रहा है कि भारत दुनिया में तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनकर उभर सकता है, लेकिन यह पैसो अमीरों की जेब में जाएगा। कुछ घरानों में जाएगा। ऐसी ताकत का वह क्या करेंगे, जब किसान और कमेरा वर्ग गरीब ही रह जाएगा तो तीसरी आर्थिक ताकत का कोई मतलब नहीं रहता। जब सीमेंट, लोहे, कपड़े का रेट बढ़े, तब महंगाई नहीं बढ़ती, लेकिन जब धान का रेट बढ़ाने की बात आती है तो ऊपर बड़े ओहदों बैठे अधिकारी, कृषि अर्थशास्त्री कहते हैं कि महंगाई बढ़ जाएगी। किसानों को सब्सिडी, किसान सम्मान निधि नहीं चाहिए, उन्हें तो उनकी फसलों के सही दाम चाहिएं। उन्हें सरकार के अहसान की कोई जरूरत नहीं है।

महिलाओं को पुरुषों के बराबर नहीं, आगे ले जाना लक्ष्य, समान हो शिक्षा नीति

बीरेंद्र सिंह ने कहा कि अगर उनसे कोई पूछे कि आप महिलाओं के लिए क्या कर सकते हो तो उन्होंने कहा कि वह महिलाओं को पुरुषों से बराबरी पर ही नहीं, उसे भी आगे तौलना चाहते हैं। जितनी भी महिलाएं नौकरियों में हैं, उनकी तनख्वाह पुरुषों से 33 प्रतिशत ज्यादा दी जाए। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि युवा विदेशों की तरफ पलायन कर रहे हैं। वह कहते हैं कि किसी की भी सरकार हो, बच्चों के भविष्य का ख्याल रखना जरूरी है। नौजवानों का प्रजातंत्र से मन पीछे हटने लगा है। कह रहे हैं कि कब तक झूठे नारों के सहारे वह चलेंगे। गांव, शहर और दिल्ली जैसे बड़ी सिटी में पढ़ाई में फर्क नजर आ रहा है। यह कौन सी शिक्षा नीति है। शिक्षा नीति को समान होना चाहिए।

जींद रैली 2

चाय वाला पीएम बन सकता है तो ट्रैक्टर वाला क्यों नहीं

जींद रैली में पहुंचे कृषि अर्थशास्त्री देवेंद्र शर्मा ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह हरियाणा में बदलाव लेकर आएंगे। हिसार में एक किसान की इंस्टालमेंट लेट हो गई तो उसे जेल हो गई, जबकि अमीर लोगों के 5 हजार करोड़ रुपये माफ कर दिए गए। कोई सवाल तक नहीं किया गया। देश में 16 हजार ऐसे अमीर लोग हैं, जिनके पास पैसा है, लेकिन वो देना नहीं चाहते। अब समय आ गया है कि किसानों को जागरूक होना होगा। आपके हाथ में वोट है। अगर चाय वाला प्रधानमंत्री बन सकता है तो फिर ट्रैक्टर वाला यानि किसान प्रधानमंत्री क्यों नहीं बन सकता है।

बृजेंद्र ने कहा, चौधरी साहब जो भी करो, दिल से करना

बीरेंद्र सिंह के बेटे और हिसार के सांसद बृजेंद्र सिंह ने कहा कि आज आप यहां किसी और मंशा से भी आए हैं। सभी लोग जानना चाहते हैं कि चौधरी बीरेंद्र सिंह आज क्या करेंगे। मेरा यही कहना है कि बीरेंद्र सिंह जो करेंगे, वो तो करेंगे, लेकिन जनता की भीड़ ने भरपूर तरीके से कर दिखा दिया है। जब किसी व्यक्ति को इस तरह का अपार जन प्रेम मिले तो उसके बाद व्यक्ति की चाल भी चटक हो जाती है और हौसला बुलंद हो जाता है। बृजेंद्र सिंह ने कहा कि चौधरी साहब जो भी करो, दिल से करना। आपने सोच समझ कर राजनीति 50 साल तक कर ली, बहुत है। अब यह मत सोचना कि किसका फायदा और फायदा नुकसान होगा। बृजेंद्र सिंह ने कहा कि अब बेटे के बारे में सोचने का समय नहीं है, आपको जो उचित लगे, वहीं करना।

जींद में मेरी आवाज सुनो रैली का पंडाल लोगों की भीड़ से खचाखच भरा हुआ है। बीरेंद्र सिंह ने मंच पर पहुंच कर हाथ जोड़ कर लोगों का अभिवादन किया। यहां फूल बरसा कर उनका स्वागत हुआ। रैली को संबोधित करते हुए सांसद बृजेंद्र सिंह ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी आज ज्यादा दिख रही है। यहां कोई विधायक नहीं है, यहां कोई राजनीतिक हिसाब से नहीं बुलाया गया। यहां जो बुलाए गए हैं, वो सारे के सारे बीरेंद्र सिंह के साथी हैं, सहयोगी हैं। इससे पहले रैली में लाल बहादुर शास्त्री, महात्मा गांधी और कुछ दिन पहले ही दिवंगत हुए स्वामीनाथन को श्रद्धांजलि दी।

जींद रैली

बीरेंद्र सिंह के समर्थकों का कहना है कि पिछले 50 साल से किसानों की अनदेखी हो रही है, लेकिन बीरेंद्र सिंह हमेशा से ही किसान और कमेरे वर्ग की लड़ाई लड़ते आए हैं। इन्होंने कई प्रदेशों को मुख्यमंत्री बनाकर सौंपे हैं। अब कार्यकर्ताओं के साथ जनता का सपना है कि बीरेंद्र सिंह को हरियाणा का पूर्व मुख्यमंत्री बनाया जाए। भाजपा में उनकी आवाज को सही तरीके से नहीं सुना गया। वहीं एकलव्य स्टेडियम में मेरी आवाज सुनो रैली को लेकर पूर्व डीजीपी महेंद्र सिंह मलिक और पंजाबी एक्ट्रेस व किसान आंदोलन की फेम सोनिया मान भी पहुंची हैं। बता दें कि पिछले काफी समय से बीरेंद्र सिंह और उनके समर्थक इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हैं। रैली आज उनके आगामी राजनीतिक करियर का फैसला करेगी।

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बीरेंद्र सिंह ने उचाना कलां से की थी राजनीतिक सफर की शुरुआत
पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने वर्ष 1977 में कांग्रेस के टिकट पर उचाना कलां से चुनाव लड़ा और बड़े अंतर से जीत हासिल की। इसी के साथ उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हो चुकी थी। इसके बाद वर्ष 1982 में बीरेंद्र सिंह ने फिर से विधायकी जीती और प्रदेश में सहकारिता और डेयरी विकास मंत्री का पद संभाला। वर्ष 1984 में उन्होंने हिसार लोकसभा सीट से हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला को हराया था। वर्ष 1991 में वह फिर से विधायक बने और राजस्व तथा योजना मंत्री के पद पर आसीन किए गए। अपने पांचवें कार्यकाल में भी वह वर्ष 2005 में विधायक बने। उन्होंने वित्त, श्रम एवं रेजगार मंत्रालय का पदभार संभाला।
वर्ष 2010 में उनको राज्यसभा सदस्य चुना गया। वर्ष 2013 में बीरेंद्र सिंह केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री बने। 28 अगस्त 2014 को उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वह 29 अगस्त 2014 में भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ने भी 2016 में उनको राज्यसभा सदस्य बना दिया। इस दौरान वह केंद्रीय इस्पात मंत्री बने। वर्ष 2019 में उनके बेटे बृजेंद्र सिंह हिसार लोकसभा के चुने गए। इसके बाद बीरेंद्र सिंह ने राज्यसभा से भी इस्तीफा दे दिया।

42 साल बाद कांग्रेस को किया था अलविदा, अब भाजपा ने अनदेखी का आरोप

पूर्व केंद्रीय बीरेंद्र सिंह ने अपनी जिंदगी के 42 साल कांग्रेस पार्टी में गुजारे। 29 अगस्त 2014 को वह भाजपा में शामिल हुए थे। इससे पहले भी कांग्रेस ने उनको ज्यादा तवज्जो नहीं दी थी। इसी कारण उन्होंने कांग्रेस को अलविदा कहा था। दो दिन पूर्व बीरेंद्र सिंह के समर्थकों ने बताया था कि भाजपा में बीरेंद्र सिंह और उनके कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है, इसलिए 2 अक्तूबर को जींद में आयोजित मेरी आवाज सुनो रैली के मंच से बीरेंद्र सिंह बड़ा फैसला लेंगे। बीरेंद्र सिंह के समर्थकों का दावा है कि अब भाजपा को अलविदा करने का समय आ गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री के समर्थकों ने कहा कि उनका नया ठिकाना कहा होगा, जल्द ही रैली के माध्यम से बीरेंद्र सिंह कार्यकर्ताओं को स्पष्ट करेंगे।