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Delhi government ने समय पर जारी नहीं किया CLC नहर की सफाई का budget, बार-बार दरार के कारण हो जाता है नहर में कटाव

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दिल्ली में पेयजल आपूर्ति के लिए तैयार की गई करियर लिंक चैनल नहर 4 माह में दो बार बड़वासनी गांव के पास टूट चुकी है। जिसकी एक बड़ी वजह नियमित सफाई न होना भी बताया जा रहा है। दिल्ली सरकार ने समय पर सीलसी नहर कि सफाई का बजट जारी नहीं किया, जिसके कारण बार-बार दिल्ली सरकार की लापरवाही के कारण नहर टूट रही है। लेकिन नहर टूटने के बाद अब दिल्ली सरकार ने सुध ली है। ऐसे में सीएलसी नहर की सफाई के लिए दिल्ली सरकार द्वारा प्राइमरी मंजूरी जारी कर दी है।

सोनीपत सिंचाई विभाग ने 1 करोड़ 21 लाख रुपए का अस्टीमेंट बनाया है। वहीं सोनीपत सिंचाई विभाग ने सफाई के लिए अस्टीमेंट बनाकर भेज दिया है। ऐसे में फाइनल मंजूरी मिलते ही नहर की सफाई के लिए टेंडर जारी किया जाएगा।

दिल्ली में पानी की सप्लाई के लिए किया गया था सीएलसी नहर का निर्माण

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सीएलसी नहर का निर्माण सीधे तौर पर दिल्ली में पानी की सप्लाई के लिए किया गया है। हर रोज करीब 600 से 650 क्यूरिक पानी दिल्ली उक्त नहर के माध्यम से दिल्ली भेजा जाता है। ऐसे में नहर की सफाई की जिम्मेदारी भी दिल्ली सरकार की है। सोनीपत सिंचाई विभाग करीब एक साल से लगातार बजट की डिमांड दिल्ली सरकार से कर रहा था। ऐसे में अब प्राइमरी मंजूरी मिलने के बाद उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही नहर की सफाई का काम पूरा हो पाएगा।

सोनीपत सिंचाई विभाग ने 1 करोड़ 21 लाख रुपए का बनाया है अस्टीमेंट

सीएलसी नहर की सफाई पिछले लम्बे समय से नही हो पाई है। जिसके चलते 4 माह में बड़वासनी गांव में ही यह दो बार टूट चुकी है। इससे पहले भी यह नहर टूट चुकी है। ऐेसे में नहर की सफाई करने के लिए सोनीपत सिंचाई विभाग द्वारा 1 करोड़ 21 लाख रुपए का अस्टीमेंट बनाया है। जिसके बाद दिल्ली सरकार से फाइनल मंजूरी मिलने का इंतजार किया जा रहा है। मंजूरी मिलते ही सफाई का काम किया जाएगा। सफाई व्यवस्था दुरूस्त होने के बाद नहर के टूटने की सम्भावनाओं में कमी आ सकती है।

नहर की लाइनिंग का काम होगा शुरु

वहीं दूसरी तरफ रविवार को सिंचाई विभाग द्वारा बड़वासनी गांव के पास टूटी नहर के कटाव को मिट्टी से पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। जिसके बाद अब नहर की लाइनिंग का काम शुरू किया जाएगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की माने तो सोमवार को दिल्ली के लिए पानी की सप्लाई सीएलसी के माध्यम से शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। पानी की आपूर्ति मौजूदा समय में पश्चिमी यमुना लिंक नहर के माध्यम से की जा रही है। जिसकी वजह से पश्चिमी यमुना लिंक नहर पर भी दबाव बढ़ा है। ऐसे में जरूरी है कि जल्द से जल्द रिपेयरिंग का काम पूरा हो।

सफाई के लिए दिल्ली सरकार से मिली प्राइमरी मंजूरी

सिंचाई विभाग द्वारा पिछले लम्बे समय से दिल्ली सरकार से नहर की सफाई के लिए बजट मंजूर करने की मांग की जा रही थी। अब प्राइमरी मंजूरी मिली है। जिसके बाद अस्टीमेंट बनाकर भेजा गया है। बजट को फाइनल मंजूरी मिलने के बाद टेंडर जारी करके नहर की सफाई कर दी जाएगी। वहीं टूटी हुई नहर की रिपेयरिंग भी तेजी से की जा रही है। कटाव वाले क्षेत्र को मिट्टी से भर दिया गया है। जल्द से जल्द पानी की आपूर्ति को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।