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गेंहू की Msp 150 रूपए बढ़कर हुई 2,275 रूपए प्रति क्विंटल, रबी की 5 अन्य फसलों में भी बढ़ोतरी

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केंद्र सरकार की ओर से गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 150 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाकर 2,275 रुपए क्विंटल कर दिया है। रबी की 5 अन्य फसलों जौ, चना, मसूर, सरसों, कुसुम की एमएसपी में भी बढ़ोतरी की है। 18 अक्टूबर को कैबिनेट मीटिंग में ये फैसला लिया गया। रबी फसल की बुआई लौटते मानसून और पूर्वोत्तर मानसून के समय की जाती है। इन फसलों की कटाई आमतौर पर गर्मी के मौसम में अप्रैल में होती है। ये फसलें बारिश से ज्यादा प्रभावित नहीं होती हैं।

रबी की प्रमुख फसलें गेहूं, चना, मटर, सरसों और जौ है। न्यूनतम समर्थन मूल्य वो गारंटेड मूल्य है, जो किसानों को उनकी फसल पर मिलता है। भले ही बाजार में उस फसल की कीमतें कम हो। इसके पीछे तर्क यह है कि बाजार में फसलों की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का किसानों पर असर न पड़े। उन्हें न्यूनतम कीमत मिलती रहे।

बम्पर पैदावार पर कम होती है कीमतें

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सरकार हर फसल सीजन से पहले सीएसीपी यानी कमीशन फॉर एग्रीकल्चर कॉस्ट एंड प्राइजेस की सिफारिश पर एमएसपी तय करती है। यदि किसी फसल की बम्पर पैदावार हुई है, तो उसकी बाजार में कीमतें कम होती हैं, तब एमएसपी उनके लिए फिक्स एश्योर्ड प्राइज का काम करती है। यह एक तरह से कीमतों में गिरने पर किसानों को बचाने वाली बीमा पॉलिसी की तरह काम करती है।

लद्दाख से हरियाणा के कैथल तक आएगी लाइन
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि कैबिनेट मीटिंग में लद्दाख से मेन ग्रिड तक लाने के लिए 5 गीगावाट कैपेसिटी की लाइन को मंजूरी दी गई है। इसकी अनुमोदित लागत 20 हजार 773 करोड़ रुपए हैं। यह लाइन लद्दाख से हरियाणा के कैथल तक आएगी। ये हिमाचल प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों से होकर गुजरेगी। इसे राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ जाएगा।

रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता विकसित करने का बनाया प्लान

अनुराग ठाकुर ने कहा कि पीएम मोदी ने 15 अगस्त 2020 को लाल किले से लद्दाख के लिए 7.5 गीगावाट का सोलर पार्क स्थापित करने की घोषणा की थी। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने इस दिशा में 13 गीगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता विकसित करने का प्लान बनाया। जब सोलर पावर प्लांट बनेंगे, तो इसके लिए ट्रांसमिशन लाइन बहुत जरूरी है।