हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग के बाद वित्त विभाग अब कैबिनेट मंत्री अनिल विज के गृह विभाग में रोड़ा अटका रहा है। वित्त विभाग ने अंबाला पुलिस रेंज के प्रमोशन की फाइल में कई बिंदुओं पर ऑब्जेक्शन लगाकर गृह विभाग से जवाब मांगा है। हालांकि डीजीपी शत्रुजीत कपूर की ओर से इसका जवाब दे दिया गया है। अब फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) पहुंच गई है। विशेष बात यह है कि हरियाणा का वित्त मंत्रालय मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास है।
जानकारी अनुसार इससे पहले भी सीएमओ में बैठे एक वरिष्ठ अधिकारी के द्वारा अनिल विज के स्वास्थ्य विभाग की रिव्यू मीटिंग शुरू की जा चुकी है। जिसको लेकर विज खासे नाराज हैं। मामला केंद्रीय नेतृत्व तक भी पहुंच चुका है। बता दें कि गृह मंत्री अनिल विज के गृह जिले की अंबाला पुलिस रेंज प्रमोशन के मामले में 10 साल से पिछड़ी हुई है, जबकि सूबे के अन्य पुलिस रेंजों में प्रमोशन को लेकर सभी इश्यू समाप्त किए जा चुके हैं। ऐसे में अनिल विज ने इस पूरे मामले की कमान अपने हाथ में ली हुई है।
विज ने 20 अक्तूबर को इस मामले को लेकर सचिवालय में एक बैठक भी बुलाई थी, लेकिन उनके बीमार हो जाने के कारण यह बैठक नहीं हो पाई। इसके बाद से लगातार फाइल वित्त विभाग और सीएमओ के अधिकारियों के बीच ही घूम रही है।
कॉन्स्टेबल के 466, एसआई के 43 पदों पर की जानी है नियुक्ति
बता दें कि हाल ही में गृह विभाग के द्वारा कुछ नए पद सृजित किए गए हैं। इन्ही पदों पर प्रमोशन में पिछड़े हुए पुलिस जवानों को स्थानांतरित किया जाना है। अंबाला पुलिस रेंज में 1467 पुलिस कॉन्स्टेबल के पद मंजूर हैं। इन पदों पर 1001 पुलिस कॉन्स्टेबल तैनात हैं, जबकि 466 पद खाली पड़े हुए हैं। ऐसे ही एएसआई के पद भी खाली पड़े हैं। एएसआई के 32 पदों पर नियुक्ति की जानी है। इसके अलावा एसआई के रिक्त पड़े 43 पदों को भरा जाना है।
वहीं गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज अपनी बीमारी से ठीक हो चुके हैं, वह अब पूरी तरह से सतर्क हैं। विज अपने विभागों में चल रहे इश्यू को लेकर लगातार अधिकारियों के साथ सचिवालय में रिव्यू मीटिंग कर रहे हैं। हाल ही में करनाल में हुई एक राज्य स्तरीय रैली में भी उन्होंने शिरकत की है। जहां उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में चल रहे सीएमओ के दखल पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने आपत्ति जताई है।

