Preparation to close schools in Haryana

Delhi के बाद Haryana के 14 जिलों में बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते School बंद करने की तैयारी, DC को मिले अधिकार

पंचकुला बड़ी ख़बर हरियाणा

दिल्ली एनसीआर के साथ हरियाणा के 14 जिलों में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सरकारी और निजी स्कूल बंद किए जा सकते हैं। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने एनसीआर के सभी उपायुक्तों को पत्र जारी कर दिए हैं। इन पत्रों में हिदायत दी गई है कि उपायुक्त अपने जिले में एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) को ध्यान में रखते हुए स्कूल खोलने या बंद करने का निर्णय ले सकते हैं। इससे पहले दिल्ली में भी बढ़ते प्रदूषण के चलते स्कूल बंद किए जा चुके हैं। जिससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से पत्र जारी करने के बाद एनसीआर के डिप्टी कमिश्नरों ने सरकारी और निजी स्कूलों बंद करने के लिए मंथन शुरू कर दिया है। वायु प्रदूषण के मामले में एनसीआर में इस वक्त गुरुग्राम और फरीदाबाद में ज्यादा स्थिति खराब हो चुकी है। दोनों जगह  GRAP की थर्ड स्टेज लागू की जा चुकी है। वहीं गुरुग्राम में कूड़ा जलाने से रोकने पर धारा 144 भी लगाई गई है, ताकि बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण किया जा सके। वहीं बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सरकार सजग हो चुकी है। हरियाणा के कई जिलों में वायु प्रदूषण बढ़ने से बच्चों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। जिसके चलते विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से यह संज्ञान लिया गया है।

स्कूल 12

निदेशालय के निर्देशानुसार यह जिले शामिल, ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में हो सकता है अलग फैसला
दिल्ली NCR में हरियाणा के 14 जिले शामिल हैं। जिसमें करनाल, जींद, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, नूहं और पलवल शामिल हैं।

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स्कूल 13

सरकार ने इन सभी जिलों के उपायुक्तों को स्कूलों के बारे में फैसला लेने की छूट दी है, ताकि वह बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए अपने स्तर पर फैसला ले सकें। अगर उपायुक्त स्कूलों को बंद करने का फैसला लेते हैं तो उन्हें यह भी निर्णय लेना होगा कि किस एरिया के स्कूल बंद रहेंगे।

पत्र 11

इस निर्णय के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्कूल बंद करने पर अलग-अलग फैसला भी हो सकता है। शहरी इलाकों में प्रदूषण ज्यादा है। जिसके चलते वहां के स्कूलों को लेकर जल्द फैसला किया जा सकता है। निदेशालय का कहना है कि अगर स्कूलों बंद किया जाता है तो छात्रों की पढ़ाई को ऑनलाइन तरीके से जारी रखा जाएगा। जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो सके।