हरियाणा सरकार ने हाल ही में रोडवेज कर्मचारियों के द्वारा 4500 बसों का संचालन बंद करने के बाद अलर्ट मोड में आने का सामना किया है। परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने कर्मचारियों से बातचीत का सुझाव दिया है और उनसे यह अपील की है कि वे बसों को रोकने की बजाय समस्या का समाधान तलाशें।
रोडवेज कर्मचारियों द्वारा की जा रही हड़ताल से आम जनता को परेशानी हो रही है, जिसके कारण बसों का संचालन ठप्प हो गया है। इसके परिणामस्वरूप, सरकार को अलर्ट मोड में आना पड़ा है। परिवहन मंत्री ने रोडवेज यूनियन के प्रधानों के साथ मीटिंग का आयोजन किया है और उन्हें बुलाया है। बैठक में सरकारी अधिकारी भी शामिल होंगे और कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा होगी।
चालक-परिचालक रोडवेज की जान
परिवहन मंत्री ने यह भी कहा कि हरियाणा रोडवेज गरीब जनता का जहाज है और उसके चालक और परिचालक हरियाणा रोडवेज की जान हैं। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान बातचीत से होगा, न कि बसों को रोककर। हाल के दिनों में हुए एक हमले के चलते कर्मचारी राजवीर की हालत गंभीर हो गई थी, जिसके बाद रोडवेज कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसके परिणामस्वरूप, रोडवेज सांझा मोर्चा ने प्रदेशभर में चक्का जाम करने का ऐलान किया था।
सभी संभावनाओं पर विचार करेगी सरकार
सरकार ने कहा है कि वह कर्मचारियों के साथ है और उनकी मांगों को पूरा करने के लिए सभी संभावनाओं पर विचार करेगी। हालांकि, बसों के संचालन को रोकने की प्रक्रिया से आम जनता को कठिनाई महसूस हो रही है। इस परिस्थिति में सरकार ने रोडवेज कर्मचारियों से ऐसा करने से बचने की अपील की है और बातचीत से समस्या का हल निकालने का सुझाव दिया है। उम्मीद है कि दोनों पक्षों के बीच होने वाली मीटिंग से समाधान निकलेगा और बसों का संचालन शीघ्र ही स्थानीय लोगों के लाभ के लिए शुरू होगा।

