हरियाणा के आईएएस अफसर विजय दहिया को करप्शन केस में फंसाने के बाद कई बार उनके ट्रांसफर में बदलाव किया गया है। वहीं इस मामले में उनके स्थान पर आए अन्य आईएएस अफसरों का भी चयन किया गया है। विजय दहिया को पहली बार करप्शन केस में फंसाया गया था, जब उन्हें हरियाणा कौशल विकास निगम में बिलों के भुगतान के बदले रिश्वत लेने के मामले में एसीबी की ओर से आरोपी बताया गया था।
बता दें कि उन्हें पंचकूला से गिरफ्तार किया गया और कोर्ट में पेश किया गया। हालांकि उन्हें बाद में जमानत मिली थी और उन्हें रिहा कर दिया गया। उनके ट्रांसफर के आदेश में बदलाव हुआ है और उन्हें करनाल डिवीजन के कमिश्नर के पद से हटाकर अब अभिलेखागार विभाग के कमिशनर और सेक्रेटरी बनाया गया है। उनके स्थान पर चर्चा में रहे आईएएस अशोक खेमका अब अभिलेखागार विभाग के एसीएस बनेंगे। इसी कड़ी में अब आईएएस रेनू एस फुलिया को करनाल डिवीजन के साथ करनाल के कमिशनर का चार्ज देने का निर्णय लिया गया है। करप्शन केस के संदर्भ में एक और महत्वपूर्ण घटना रिपोर्ट की गई है। जिसमें दिल्ली की रहने वाली पूनम चोपड़ा नामक महिला को गिरफ्तार किया गया था। उसे 50 लाख रुपए के बिल पास करने के बदले 2 किश्तों में 5 लाख रुपए लेने का आरोप लगाया गया था। इसके परिणामस्वरूप एसीबी ने उसका लिंक आईएएस विजय दहिया से जोड़ा और उन्हें मामले में गिरफ्तार किया था।

इस संदर्भ में दहिया को गुजरे समय में कौशल विकास निगम के कमिश्नर के रूप में देखा गया था और उस समय पूनम चोपड़ा की रिश्वत के मामले की शिकायत फतेहाबाद के रिंकू मनचंदा ने की थी। इस समय आईएएस रेनू एस फुलिया को अंबाला डिवीजन के साथ करनाल के कमिशनर का चार्ज देने का निर्णय लिया गया है, जबकि आईएएस रेनू एस फुलिया को करनाल डिवीजन के साथ अब अभिलेखागार विभाग के कमिशनर और सेक्रेटरी के पद पर बनाया गया है।

