झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले के मामले में घेरा गया है और इसके चलते उनकी मुश्किलें बढ़ रही हैं। सोमवार को ईडी ने उनसे पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित आवास पहुंची, लेकिन वे यहां नहीं मिले। जिस पर कांग्रेस ने राष्ट्रपति शासन लगाने की साजिश का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने इसे बेवजह राजनीतिक रंग देने की कोशिश कहा है।
कांग्रेस के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि यह अफवाह फैलाई जा रही है कि सीएम लापता हैं और इसमें भ्रष्टाचार का माहौल है। वहीं भाजपा का चेहरा बेनकाब हो चुका है और उन्होंने कहा कि जमीन घोटाला मामले में सीएम को जवाब देना होगा। ईडी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बताया कि हेमंत सोरेन ईडी को ईमेल पर पूछताछ के लिए समय दिया है और वह 31 जनवरी को 1 बजे के लिए सीएम के साथ मुलाकात के लिए तैयार हैं। इसके बावजूद ईडी की कार्रवाई के खिलाफ जेएमएम कार्यकर्ता रांची के मोरहाबादी इलाके से सीएम हाउस होते हुए निकले हैं और राजभवन की सुरक्षा की जा रही है।

पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द
वहीं झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री आज जवाब नहीं दे रहे हैं, तो उन्हें कल जवाब देना होगा और कानून व्यवस्था की स्थिति बहुत संतोषजनक नहीं है। इसके बाद सोरेन का आवास, भाजपा कार्यालय और बड़े नेताओं के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी की संभावना पर चर्चा भी हो रही है।
कांग्रेस और भाजपा के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव
इसे देखते हुए झारखंड में पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। उनके आवास के बाहर और भाजपा कार्यालय में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस दौरान सोरेन की जगह और उनके पिता राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन के आवास पर भी नहीं हैं, जिससे उनकी तिकड़ी खोजी जा रही है। इस समय कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव भी बढ़ गया है और दोनों पक्ष एक दूसरे पर आपत्तिजनक आरोप लगा रहे हैं।

