हरियाणा के रेवाड़ी में पौने चार लाख रुपये की रिश्वत मामले में सीआईए के एक इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में एसीबी की टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर दोनों को एक दिन के रिमांड पर भी भेज दिया गया है। आरोप है कि वह इंस्पेक्टर अनिल कुमार के साथ मिलकर रिश्वत राशि लेने के लिए पीड़ित पर दबाव बना रहे थे।
इस मामले में पूछताछ में यह भी सनसनीखेज खुलासा हुआ है। दोनों आरोपित पुलिस अधिकारी क्रिकेट का सट्टा लगाने वाले आरोपितों से 30 लाख रुपये और फार्च्यूनर गाड़ी देने के लिए दबाव बना रहे थे। 2 फरवरी शुक्रवार को गुरुग्राम एसीबी टीम ने इस्पेंटर जयपाल सिंह की अगुवाई में रेवाड़ी सीआईए के इंचार्ज अनिल कुमार को 3 लाख 75 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए शहर के बाइपा स्थित एक सोसाइटी से गिरफ्तार किया था। एसीबी ने उस दिन एसआई अजीत सिंह से भी हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। अजीत सिंह इसी सोसाइटी के फ्लेट में रहता है और फिलहाल उसकी पोस्टिंग भी सीआईए में ही थी।
रिमांड पर कबूल की रिश्वत लेने की बात
पीड़ित ने फिलहाल चार लाख रुपये रिश्वत लेने की बात कबूल की है। पुलिस ने दोनों को रिमांड पर लेकर पुछताछ की जिसमें दोनों आरोपियों ने कई राज उगले है। एसीबी के सामने बताया कि सचितन से 30 लाख रुपये और फॉर्च्यूनर कार की डिमांड की गई थी। हालांकि बातचीत आखिर 4 लाख रुपये तक आ गई और फिर 3 लाख 75 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए इंस्पेक्टर पकड़ा गया। रिश्वत केस में सब इस्पेक्टर सिंह और इस्पेक्टर अनिल कुमार दोनों ही मिलकर सचिन पर पैसे देने का दबाव बना रहे थे। पुलिस का कहना है कि जिस गैंबलिंग एक्ट के मामले में सीआईए टीम की तरफ से कार्रवाई की गई उसकी पूरी प्लानिंग भी सब इस्पेक्टर अजीत सिंह ने ही की थी। बाद में आरपियों के अलावा उसके साथी सचिन पर दबाव बनाया गया। सचिन ने चूंकि एक आरपी की जमानत दी थी। सब इंस्पेक्टर अजीत सिंह उसे पहले से जानता था। यही कारण है कि उसने इंस्पेक्टर अनिल कुमकार के जरिए मुकदमे में फंसाने का डर दिखाकर सचिन से रिश्वत मांगी।
बार-बार परेशान करने पर एसीबी को दी शिकायत
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इसी केस में पकड़े गए तीन आरोपियों में से एक आरोपी की जमानत सचिन ने दी थी। इसके बाद सचिन सीआईए की नजर में आ गया और पुलिस ने उसे ही केस में फंसाने का डर दिखाते हुए 4 लाख रुपए की डिमांड कर दी। सचिन को जब बार-बार परेशान किया गया तो उसने एसीबी को इसकी शिकायत कर दी। एसीबी के पास मामला पहुंचने के बाद आरोपी इंस्पेक्टर को गिरफ्तार करने का जाल बिछाया गया।
झूठे केस में फंसाने का दिखाया डर
बता दें कि एसीबी की तरफ से जिस 40 नंबर एफआईआर का जिक्र किया गया उसके अनुसार 28 जनवरी की रात रेवाड़ी शहर के उत्तम नगर स्थित एक घर में सीआईए की टीम ने रेड करते हुए क्रिकेट मैच पर सट्टा लगवाने के लिए चलाई जा रही बुक का खुलासा किया था। वहा पर दुबई कैपिटल बनाम शारजाह के बीच चल रहे क्रिकेट मैच पर फंटर के जरिए सट्टा लगवाया जा रहा था। इसी के चलते पुलिस ने मौके से उत्तम नगर निवासी हरीश, उत्तम नगर में किराये पर रहने वाले मंदीप, गुरुग्राम के पटौदी कस्बा निवासी संदीप को गिरफ्तार करते हुए 10 मोबाइल फोन और लेपटॉप जब्त किया था।

