गोहाना में किसानों की लगातार खराब फसलों के मुआवजा नहीं दिए जाने से नाराज भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के किसानों द्वारा पिछले 11 दिन से धरना जारी है। आज किसानों ने किसानों के बकाया मुआवजे राशि दिए जाने को लेकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम अपना मांग पत्र सौंपा है।
वहीं किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि बीमा फसल की राशि किसानों के खाते से काट ली, उसके बाद जब किसानों की खराब फसल हुई तो उनकी प्रीमियम राशि वापिस कर दी है, जो कि एक भ्रष्टाचार हुआ है। किसान नेता सत्यवान नरवाल ने बताया कि पिछले तीन साल के किसानों के खराब फसल बीमे की राशि को लेकर संघर्ष करते आ रहे है। वहीं पिछले 11 दिनों से किसानों की खराब फसल के मुआवजे को लेकर धरने अपर बैठे हुए है। मगर आज तक कोई समाधान नहीं हुआ है, वहीं फसल बीमा कंपनी अधिकारियो के साथ मिलीभगत से किसानों के साथ धोखा कर रही है। किसानों के खाते से साल में दो बार रबी और खरीब की फसलों का प्रीमियम काट लिया जाता है।

जब किसानों की फसल खराब हो जाती है, कंपनी को लगता है कि किसानों को मुआवजा देना पड़ेगा, तो प्रीमियम भरने के पांच छ महीने बाद क्रॉप कटाई के समय उनका प्रीमियम कैंसिल कर दिया जा रहा है। जो कि किसानों की मांग को सही जिला उपायुक्त ने कहा हुआ है। वहीं आज मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के नाम मांग पत्र भी सौंपा है। किसानों ने बताया कि हमारी फसल बारिश के मौसम में तीन से चार फीट पानी खेतो में खड़ा हो गया था। वहीं किसान ने फसल बीमे की प्रीमियम भी भर दी थी। मगर जब किसान के मुआवजे को लेकर बात आई तो किसान को उसकी खराब फसल का मुआवजा ही नही मिला है।
हमारी मांग है कि किसान की खराब फसल का मुआवजा दिया जाए।
वही गोहाना के एसडीएम विवेक आर्य ने कहा कि जल्द की किसानो की समस्या का हल करवाया जाएगा, उनकी जो भी समस्या है, उसे उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का काम किया जाएगा।

