हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित 37वें सूरजकुंड मेले में विभिन्न प्रकार की हाथ की बुनाई आपको देखने को मिलेगी। इसी दौरान गुजरात के निवासी बचपन से छोटी चीजों कलाकृतियां बनाने वाले शिल्पगुरू गोपाल प्रसाद शर्मा सूरजकुंड मेले में ऐसी पेंटिंग बनाकर लाए है जिसकी कीमत 5 करोड़ रुपये है। इसे पांच करोड़ में भी बेचने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा है कि यह पेंटिंग राम दरबार की है जिसमें श्रीराम राजतिलक के बाद दरबार में विराजमान हैं।
गोपाल प्रसाद को मिनिएचर शिल्पकला की विरासत अपने पूर्वजों से मिली है। उनके पूर्वज भीलवाड़ा के बिजोलिया राज घराने के राज मिस्त्री हुआ करते था। उनका मुख्य कार्य राजमहल और मंदिरों में वित्ती चित्रण व मूर्तियां बनाने का था लेकिन ब्रिटिश शासन और आजादी के बाद राजशाही समाप्त होने के बाद वित्ती चित्रण भी विलुप्त की कगार पर पहुंच गई है। गोपाल प्रसाद शर्मा ने अपने पूर्वजों की वित्ती चित्रण की कला को नहीं छोड़ा और इसे आधुनिकता के साथ जोड़ दिया। अब यह मिनीएचर आर्ट के रूप में जानी जाती है।
पेंटिंग बनाने में 5 साल का समय लगा
गोपाल शर्मा ने बताया कि उनकी श्रीराम के प्रति बहुत अधिक आस्था है। इसलिए वे पेंटिंग को बेचना नहीं चाहते। पेंटिंग बनाने में 5 साल का समय लगा। पेंटिंग बनाने से पहले उन्होंने 6 महीने तक रामायण का अध्ययन किया, और उसके बाद ही पेंटिंग को बनाया। गोपाल शर्मा ने कहा कि उनके जीवन में बहुत सारी विभिन्न पेंटिंग्स बनी हैं, लेकिन यह पेंटिंग सबसे अलग है।
छह बार पदमश्री के लिए नाम प्रस्तावित
गोपाल प्रसाद शर्मा ने बताया कि उनका नाम पदमश्री अवार्ड के लिए छह बार प्रस्तावित हो चुका है। दो बार राजस्थान सरकार और एक बार प्रदेश के पूर्व राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया ने प्रस्तावित किया था।
प्राकृतिक रंगों करते हैं इस्तेमाल
मिनिएचर आर्ट के लिए वह सिर्फ प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करते है। इसके लिए वह सब्जी के रंग, स्टोन कलर, सिंगरप पत्थर, दाना पत्थर के रंगों का इस्तेमाल करते हैं।
हाल में मिला शिल्प गुरु अवार्ड
वर्ष 2022 में शिल्प गुरु का अवार्ड मिला। वर्ष 2014 में सूरजकुंड मेले में पहली बार 40 देशों ने शिरकत की थी। उस समय इन्हें परंपरागत इंटरनेशनल अवार्ड दिया गया। वर्ष 2010 में राजस्थान सरकार ने कलामणि पुरस्कार से नवाजा गया था। वर्ष 2002 में कला निध अवार्ड, वर्ष 1994 में जयपुर जिला अवार्ड, वर्ष 1998 में मेवाड फाउंडेशन की ओर से आयोजित महाराण सज्जन सम्मान। वर्ष 2007 में दया निधि मारन ने नेशनल अवार्ड दिया था।

